हरियाणा में 652 करोड़ रुपए से हाईटेक होगा बिजली सिस्टम, फॉल्ट आते ही ऑटोमेटिक कटेगी सप्लाई
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा के बिजली विभाग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश के दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम हिसार, फरीदाबाद व पलवल शहर के बिजली तंत्र को हाईटेक बनाने जा रहा है। इन 3 शहरों के पूरे बिजली ढांचे को ऑटोमैटिक व डिजिटल करने के लिए सुपर विजनरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन स्काडा योजना के तहत 652 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स तैयार किए हैं। वर्तमान में पूरे प्रदेश में केवल गुरुग्राम ही ऐसा शहर है, जहां बिजली का स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर चालू है।
इस मेगा प्रोजेक्ट को दो चरणों में विभाजित कर कार्य करवाए जाएंगे। पहला फेज कम्युनिकेशन फेज हैं, इसमें शहर के सभी 33 केवी बिजलीघरों को डिजिटल नेटवर्क व सेंसर से लैस किया जाएगा। दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर फेज में शहर की 11 केवी सप्लाई लाइनों, फीडरों व ट्रांसफॉर्मरों के ढांचे को सुदृढ़ व मॉडर्नाइज किया जाएगा। दोनों चरणों के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए जाएंगे।
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत ड्यूल सोर्स सप्लाई और ऑटोमैटिक स्विचिंग है। हर फीडर यानी मुख्य सप्लाई लाइन का जोड़ा बनाकर उसे 33 केवी के दो अलग-अलग पावर हाउस से जोड़ा जाएगा। यदि इमरजेंसी में एक बिजलीघर बंद होता है तो सिस्टम बिना किसी देरी के ऑटोमैटिक दूसरे बिजलीघर से सप्लाई चालू कर देगा। हर शहर में स्काडा का एक अत्याधुनिक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। पहले फॉल्ट ढूंढने के लिए कर्मचारियों को पूरी लाइन पर पेट्रोलिंग करनी पड़ती थी। अब कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर फॉल्ट की सटीक लोकेशन तुरंत फ्लैश हो जाएगी।
किसी ट्रांसफॉर्मर में खराबी आने पर पूरे फीडर को बंद करने की जरूरत नहीं होगी। रिमोट सिस्टम से सिर्फ उसी प्रभावित ट्रांसफॉर्मर की बिजली काटी जाएगी, जबकि बाकी फीडर पर सप्लाई चालू रहेगी। मुख्य कंट्रोल रूम से हर ट्रांसफॉर्मर और लाइन की चौबीसों घंटे लाइव ट्रैकिंग होगी। लोकेशन तुरंत ट्रेस होने से बिजली बहाली के समय में कमी आएगी। बार-बार ट्रिपिंग और लंबे अघोषित पावर कटों से नागरिकों को स्थाई राहत मिलेगी।
स्काडा योजना के तहत होगा काम
सुपर विजनरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (स्काडा) योजना के तहत हिसार, फरीदाबाद और पलवल में बिजली तंत्र को हाईटेक व मॉडर्न बनाया जाएगा। इन तीन शहरों के लिए करीब 652 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स तैयार किए हैं।
मुकेश चौहान, डायरेक्टर ऑपरेशन, डीएचबीवीएन, हिसार
