हरियाणा की बेटी इशिका ने रचा इतिहास, CSIR-UGC NET में हासिल की 17वीं रैंक

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हरियाणा की बेटी इशिका ने रचा इतिहास, CSIR-UGC NET में हासिल की 17वीं रैंक  

Udaipur Times, Haryana News : नारनौल की होनहार बेटी इशिका अग्रवाल ने प्रतिष्ठित CSIR-UGC NET परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रसायन शास्त्र विषय में अखिल भारतीय स्तर पर 17वां स्थान (AIR-17) हासिल किया है। इशिका की इस उपलब्धि से उनके परिवार, शिक्षकों, मित्रों और पूरे नारनौल क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इशिका अग्रवाल अधिवक्ता चैम्बर्स सोसाइटी के कोषाध्यक्ष अधिवक्ता रामगोपाल अग्रवाल की पुत्री तथा हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश सचिव हरगोविंद अग्रवाल की पौत्री हैं। 

उन्होंने अपनी विज्ञान विषय में स्नातक तथा रसायन शास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारनौल से पूरी की है। नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद इशिका ने CSIR-UGC NET परीक्षा की तैयारी की और अपनी मेहनत, लगन तथा निरंतर अध्ययन के बल पर देशभर में 17वां स्थान हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि CSIR-UGC NET राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षाओं में शामिल है।

परिजनों और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय

इशिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा-दादी, पिता, माता विभा अग्रवाल और शिक्षकों को दिया है। उन्होंने बताया कि परिवार के निरंतर सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया। परिवारजनों ने कहा कि इशिका ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से न केवल परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि नारनौल और अपने शिक्षण संस्थान का भी गौरव बढ़ाया है।

मेहनत और निरंतर अध्ययन को बनाया सफलता का आधार

इशिका की सफलता के पीछे नियमित अध्ययन और लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान विषय की मूल अवधारणाओं को मजबूत करने के साथ परीक्षा की तैयारी पर भी विशेष ध्यान दिया। उनकी यह उपलब्धि उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने का लक्ष्य रखते हैं।

नारनौल के विद्यार्थियों के लिए बनी प्रेरणा

CSIR-UGC NET में अखिल भारतीय स्तर पर 17वां स्थान हासिल करना नारनौल जैसे क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाली उपलब्धि है। इशिका ने यह साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद सही दिशा, मेहनत और निरंतर अध्ययन के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।

इशिका की सफलता की जानकारी मिलने के बाद स्वजन, शिक्षक, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी तरह सफलता हासिल करने की शुभकामनाएं दीं। इशिका की इस कामयाबी से ग्रामीणों में खुशी की लहर है और वे इसे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत मान रहें है।

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