हरियाणा की बेटी मेजर करमजीत ने रचा इतिहास, समुद्र के रास्ते लगाया पूरी दुनिया का चक्कर
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा में सिरसा जिले के गांव कंगनपुर की बेटी और मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) में तैनात मेजर करमजीत कौर रंधावा ने देश और प्रदेश का नाम रोशन करते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मेजर करमजीत कौर ने अपनी महिला सैन्य साथियों के साथ समुद्र के रास्ते पूरी दुनिया का चक्कर लगाने वाले ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान में हिस्सा लेकर करीब 314 दिनों का चुनौतीपूर्ण सफर पूरा किया।
तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों का ऐतिहासिक मिशन
‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान में थल सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी 9 महिला अधिकारियों का दल शामिल रहा। अभियान का उद्देश्य समुद्री साहस, महिला सशक्तिकरण और भारतीय सैन्य क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करना था।
दल ने स्वदेशी नौकायन पोत IASV त्रिवेणी पर सवार होकर समुद्र के रास्ते दुनिया का चक्कर लगाया।
47 हजार किलोमीटर का सफर
यह अभियान 11 सितंबर 2025 को मुंबई से शुरू हुआ और करीब 314 दिनों के बाद 22 जुलाई 2026 को मुंबई में पूरा हुआ। इस दौरान महिला अधिकारियों ने लगभग 25,500 समुद्री मील यानी करीब 47 हजार किलोमीटर की दूरी तय की।
सफर के दौरान दल को समुद्र की कठिन परिस्थितियों, तेज हवाओं, ऊंची लहरों और बेहद चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्गों का सामना करना पड़ा।
खतरनाक समुद्री रास्तों को किया पार
अभियान के दौरान दल ने दुनिया के कठिन समुद्री क्षेत्रों में से एक केप हॉर्न और ड्रेक पैसेज को भी पार किया। इन इलाकों में तेज हवाओं, बर्फीले मौसम और कई मीटर ऊंची समुद्री लहरों के बीच सफर करना बड़ी चुनौती माना जाता है।
मेजर करमजीत कौर के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इस मिशन से पहले उनके पास नौकायन का कोई अनुभव नहीं था। प्रशिक्षण, मेहनत और टीम भावना के दम पर उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया और मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
मुंबई वापसी पर हुआ सम्मान
ऐतिहासिक समुद्री अभियान पूरा कर दल के मुंबई लौटने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महिला अधिकारियों का स्वागत और उत्साहवर्धन किया। इस उपलब्धि को भारतीय महिलाओं की क्षमता, साहस और ‘नारी शक्ति’ का उदाहरण बताया गया।
कंगनपुर पहुंचने पर जोरदार स्वागत
मेजर करमजीत कौर के पैतृक गांव कंगनपुर पहुंचने पर परिवार, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल रहा। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया।
ग्रामीणों के लिए यह गर्व का क्षण रहा कि उनके गांव की बेटी ने समुद्र के रास्ते दुनिया का चक्कर लगाने वाले ऐतिहासिक अभियान में हिस्सा लेकर सिरसा और हरियाणा का नाम देश-दुनिया में रोशन किया।
मेजर करमजीत कौर की यह उपलब्धि युवाओं, खासकर बेटियों के लिए साहस, मेहनत और बड़े सपने देखने की प्रेरणा बन गई है।