हरियाणा की बेटी शीतल ने रचा इतिहास, लेफ्टिनेंट बन पिता का सपना किया पूरा
Udaipur Times, Haryana News, Success Story : हरियाणा के सोनीपत की बेटी शीतल मेहलान (Sheetal Mehlan) ने अपने पिता का सालों पुराना सपना पूरा कर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। भारतीय सेना में जाने की चाह रखने वाले उनके पिता का सपना परिस्थितियों के कारण अधूरा रह गया था, लेकिन बेटी ने उसी सपने को अपना लक्ष्य बनाया और कड़ी मेहनत के दम पर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गईं। 14 जून 2026 को पासिंग आउट परेड के दौरान जब उनके माता-पिता ने उनके कंधों पर सितारे लगाए, तो वह पल पूरे परिवार के लिए गर्व और भावुकता से भरा हुआ था।
सोनीपत से शुरू हुआ सेना तक का सफर
शीतल मेहलान (Sheetal Mehlan) हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली हैं। उनके पिता अशोक मेहलान एक बिजनेसमैन हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। परिवार में उनका एक छोटा भाई तेजस भी है। साधारण परिवार से आने वाली शीतल ने बचपन से ही पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन किया और बड़े सपने देखने का साहस रखा।
पिता का सपना बना बेटी का लक्ष्य
शीतल के पिता भारतीय सेना (Indian Army) में भर्ती होना चाहते थे, लेकिन कुछ कारणों से उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका। जब शीतल को इस अधूरे सपने के बारे में पता चला, तो उन्होंने इसे अपनी जिंदगी का लक्ष्य बना लिया। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने सेना में अधिकारी बनने का संकल्प लिया।
बिना कोचिंग शुरू की NDA की तैयारी
शीतल ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा में 97 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। वर्ष 2021 में जब महिलाओं के लिए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के दरवाजे खुले, तो उन्होंने बिना किसी कोचिंग के इसकी तैयारी शुरू कर दी। अपनी लगन और अनुशासन के बल पर उन्होंने पहले ही प्रयास में लिखित परीक्षा पास की।
पहले बैच में मिली जगह, AIR-9 से किया कमाल
साल 2022 में NDA के पहले महिला बैच के लिए पूरे देश से केवल 19 लड़कियों का चयन हुआ था। शीतल मेहलान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला अभ्यर्थियों में ऑल इंडिया रैंक (AIR)-9 हासिल की और चयनित उम्मीदवारों में अपनी जगह बनाई।
इसके बाद उन्होंने प्रयागराज में आयोजित पांच दिवसीय सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की। मेडिकल टेस्ट में आई चुनौती को भी उन्होंने 40 दिनों की कड़ी मेहनत से पार किया। इसके बाद NDA खड़कवासला और फिर इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) में चार सालों का कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया।
लेफ्टिनेंट (Lieutenant) बनकर पूरा किया पिता का सपना
14 जून 2026 को शीतल मेहलान भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में पास आउट हुईं। इस ऐतिहासिक पल में उनके माता-पिता ने उनके कंधों पर सितारे लगाए। भावुक पिता ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी को देश की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। सोनीपत लौटने पर शीतल का जोरदार स्वागत किया गया और लोगों ने उन्हें सलाम कर उनकी उपलब्धि का सम्मान किया।
शीतल मेहलान की सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता। उनकी कहानी आज देशभर के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
