हरियाणा के किसान की बेटी ने रचा इतिहास, पैरा एथलीट शर्मिला ने शॉटपुट में जीता गोल्ड मेडल

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हरियाणा के किसान की बेटी ने रचा इतिहास, पैरा एथलीट शर्मिला ने शॉटपुट में जीता गोल्ड मेडल

Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा की एक और बेटी शर्मिला ने खेल में गोल्ड हासिल जीत का परचम लहरा दिया है। सोमवार को कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की शर्मिला धनकड़ ने महिलाओं के पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। उन्होंने 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो कर यह उपलब्धि हासिल की। यह मौजूदा खेलों में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल है। इसी इवेंट में भारत की शिल्पा के. शायला ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

F57 कैटेगरी में उन पैरा एथलीट्स को शामिल किया जाता है, जिनके निचले अंग प्रभावित होते हैं या जिनकी मांसपेशियों की ताकत कम होती है। Haryana News

भारत के मेडल टैली में कुल 10 मेडल हो गए हैं और टीम आठवें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया 26 गोल्ड सहित 59 मेडल के साथ पहले स्थान पर है।

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के चित्रौली गांव की शर्मिला धनखड़ रहने वाली हैं। 2 साल की उम्र में पोलियो की शिकार होने से उनका एक पैर प्रभावित हो गया। पिता छोटे किसान थे और मां दृष्टिबाधित हैं। बेहतर इलाज नहीं हो सका। आर्थिक तंगी के बीच कम उम्र में उनकी शादी कर दी गई। Haryana News

जानकारी के अनुसार शर्मिला के लिए पैरा एथलेटिक्स का सफर आसान नहीं था। मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने कोच टेकचंद और देवेंद्र के मार्गदर्शन में F57 कैटेगरी के सीटेड शॉट पुट इवेंट की 34 साल की उम्र में ट्रेनिंग शुरू की। Haryana News

2023 में शर्मिला ने आर्थिक तंगी के चलते ट्रेनिंग का खर्च जुटाने के लिए उन्होंने अपना घर बेच दिया। इसके बाद परिवार किराए के मकान में रहने लगा, लेकिन शर्मिला ने अभ्यास नहीं छोड़ा।

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