हरियाणा की पत्रकार छोरी ने रचा इतिहास ! सेल्फ स्टडी के दम पर 3 बार क्रैक की UPSC, IPS बन मां के सपने को किया साकार
Udaipur Times, Gen Z IPS Simran Bhardwaj : सोचिए एक ऐसा पल जब आप कॉलेज में हैं, आपके भाई का दोस्त आपको दौड़ते हुए देखता है और कहता है, "तुम बिल्कुल कमांडो जैसी लग रही हो," और आपका भाई मज़ाक में कहता है, "यह असल में एक IPS ऑफिसर है!" और फिर, कुछ ही सालों बाद, वही मजाक सच हो जाता है। यह किसी फिल्म की कहानी नहीं है; यह हरियाणा के रेवाड़ी ज़िले के एक छोटे से गांव में पली-बढ़ीं 'जेन जेड' (Gen Z) IPS ऑफिसर सिमरन भारद्वाज की प्रेरणादायक ज़िंदगी का सफर है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के कमला नेहरू कॉलेज से जर्नलिज़्म में ग्रेजुएट सिमरन भारद्वाज ने महंगे कोचिंग के बजाय सिर्फ़ अपनी लगन और खुद की पढ़ाई के दम पर पहली ही कोशिश में UPSC सिविल सर्विस परीक्षा पास की और इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) में जगह बनाई।

CDS में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की, फिर भी पुलिस सर्विस चुनी
सिमरन एक फ़ौजी परिवार से हैं। उनके पिता, कर्नल मनोज भारद्वाज, इंडियन आर्मी में हैं; इसलिए सिमरन की शुरुआती पढ़ाई अलग-अलग शहरों में हुई। उन्होंने 10वीं की परीक्षा ग्वालियर में पास की और 12वीं की पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल, जम्मू से पूरी की।
2021 में, सिमरन ने कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज़ (CDS) परीक्षा में पूरे देश में छठी रैंक (AIR 6) हासिल की। उनके पास लेफ्टिनेंट के तौर पर इंडियन आर्मी में शामिल होने का शानदार मौका था, लेकिन उनकी दिली इच्छा थी कि वे सीधे लोगों के बीच रहकर देश की सेवा करें। इसलिए, उन्होंने आर्मी का विकल्प छोड़कर सिविल सर्विस की तैयारी जारी रखी और आखिरकार UPSC 2021 परीक्षा में 172वीं रैंक हासिल करके अपना सपना पूरा किया। इसके बाद, उन्होंने UPSC 2022 परीक्षा में भी 96वीं रैंक हासिल की।
मां की इच्छा और भाई की भविष्यवाणी सच हुई
सिमरन की सफलता में उनकी मां की अहम भूमिका रही है। साल 2015 में, जब सिमरन 10वीं क्लास में थीं, तो उनकी मां ने अपनी डायरी में यह इच्छा जताई थी कि वे सिमरन को एक सिविल सर्वेंट बनते हुए देखना चाहती हैं। अपनी कड़ी मेहनत से सिमरन ने उस लिखी हुई इच्छा को सच कर दिखाया।
इसके अलावा, कॉलेज के दिनों में जब वे दौड़ने (रनिंग) के लिए बाहर गई थीं, तो उनके भाई ने मजाक में एक दोस्त से कहा, "मेरी बहन एक IPS ऑफ़िसर है।" उस समय, सिमरन ने UPSC मेन्स की परीक्षा भी नहीं दी थी, फिर भी उनके भाई की बात आखिरकार बिल्कुल सच साबित हुई।

बिना कोचिंग के 40-50 टॉपर्स के वीडियो देखकर बनाई रणनीति
सिमरन की तैयारी की एक खास बात यह थी कि उन्होंने किसी कोचिंग इंस्टीट्यूट का सहारा नहीं लिया। COVID-19 महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान, उन्होंने घर पर रहते हुए अपनी खूबियों और कमियों को समझा। उन्होंने YouTube पर मौजूद 40 से 50 UPSC टॉपर्स के इंटरव्यू देखने के बाद अपने लिए एक सटीक स्टडी प्लान बनाया। वे सुबह-शाम की वॉक के दौरान भी करंट अफेयर्स के अपडेट सुनती थीं और रेगुलर मॉक टेस्ट देती थीं।
देश भर के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनी
आज, 2022 बैच (गुजरात कैडर) की एक युवा IPS ऑफ़िसर के तौर पर काम करते हुए, सिमरन भारद्वाज देश भर के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। युवाओं के लिए उनका संदेश है कि अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदारी, सही रणनीति और निरंतरता के साथ, देश की सबसे मुश्किल परीक्षा भी पहले ही प्रयास में आसानी से पास की जा सकती है।