हरियाणा की मिलेनियम सिटी की जल्द बदलेगी तस्वीर, इन सभी योजनाओं पर चल रहा काम?

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 हरियाणा की मिलेनियम सिटी की जल्द बदलेगी तस्वीर, इन सभी योजनाओं पर चल रहा काम?

Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा के गुरुग्राम वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हरियाणा के गुरुग्राम में मेट्रो परियोजना का लगभग 8 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अगस्त 2028 तक हरियाणा के गुरुग्राम सेंटर से सेक्टर 9 तक का कारिडोर पूरा करने का लक्ष्य है। 

लंबित परियोजनाओं

गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्यों का धीमा होने पर केंद्रीय मंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि जहां-जहां फ्लाईओवर अथवा अन्य निर्माण कार्य है वो जल्दी पूरा करे। 

STP और सीईटीपी की नियमित

जानकारी के अनुसार मानेसर स्थित CTP का भी नियमित निरीक्षण कर पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। Haryana News

जानकारी के अनुसार पलवल-सोहना-मानेसर-सोनीपत आर्बिटल रेल कॉरिडोर, पुराना गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट, दिल्ली-बावल RRTS कॉरिडोर, ग्रेटर SPR रोड, खेड़की दौला से वाटिका चौक तथा वाटिका चौक से घाटा चौक तक एलिवेटेड SPR रोड, नए राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण, NCR वाटर चैनल से भूमिगत पाइपलाइन परियोजना, निजी बिल्डर सोसायटियों में STP निर्माण तथा वर्षा जल निकासी से जुड़ी योजनाओं की पूरी तरह से अनकसरी ली गई। Haryana News

NH-48 से वाटिका चौक

मिली जानकारी के मुताबिक सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) परियोजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि NH-48 से वाटिका चौक तक का निर्माण कार्य अक्टूबर महीने में शुरू हिने वाला है फिलहाल इसका अंतिम चरण पर डिजाइन चल रहा है। इसके निर्माण में 30 महीने लगने वाले है। Haryana News

जल प्रबंधन योजना

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2051 तक की संभावित जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए कहा की किसी को भी पानी आदि की किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। Haryana News

मिली जानकारी के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में IIT रुड़की द्वारा सर्वेक्षण कराया गया है, जिसके आधार पर वर्तमान की लगभग 40 लाख की अनुमानित आबादी तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर संसाधनों की योजना बनाई जा रही है। Haryana News साथ ही बताया कि गुरुग्राम वाटर सप्लाई सिस्टम (GWS) को पाइपलाइन आधारित व्यवस्था में परिवर्तित करने का कार्य टेंडर आवंटन के बाद 30 माह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

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