हरियाणा का मोरनी हिल स्टेशन बनेगा सबसे बड़ा टूरिज्म हब, सरकार की नई पॉलिसी से लोगों को मिलेगा फायदा

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Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ है। हरियाणा का सबसे बड़ा और सुंदर मोरनी हिल स्टेशन पर अब सरकार पर्यटन को बधड़वा देने की तैयारी में है। हरियाणा का मोरनी हिल स्टेशन अब सिर्फ वीकेंड पिकनिक के लिए नहीं रहने वाला है बल्कि आने वाले दिनों में यहां शानदार होटल्स, थीम रेस्टोरेंट्स, नेचर कैफे और लग्जरी होम-स्टे जैसी सुविधाओं से लैस होकर प्रदेश का सबसे बड़ा टूरिज्म हब बन सकता है। 

मिली जानकारी के अनुसार, मोरनी क्षेत्र में पर्यटन को रफ्तार देने के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा दांव खेलते हुए कृषि भूमि पर होटल, ढाबा, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट खोलने की अनुमति देने वाली नई चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) नीति लागू कर दिया है। Haryana CLU Policy

जानकारी के मुताबिक, सरकार के इस फैसले को मोरनी की ‘टूरिज्म क्रांति’ की शुरुआत माना जा रहा है। सरकार ने पंचकूला-मोरनी शेड्यूल रोड और चंडी मंदिर-मोरनी (थापली) रोड के दोनों ओर 500 मीटर तक के कृषि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के लिए CLU की मंजूरी का रास्ता खोल दिया है। यह नीति मोरनी कंट्रोल्ड एरिया पर भी लागू होगी। Haryana CLU Policy

‘हॉस्पिटैलिटी हब’

मिली जानकारी के अनुसार, नई नीति के बाद मोरनी की खूबसूरत पहाड़ियों और हरियाली के बीच अब नए होटल, बुटीक रिसॉर्ट, जंगल व्यू कैफे और फैमिली होम-स्टे विकसित होने की संभावनाएं तेज हो गई हैं। सरकार ने होम-स्टे और गेस्ट हाउस के लिए 200 से 1000 वर्गमीटर तक भूमि उपयोग की अनुमति दी है, जबकि बड़े होटल प्रोजेक्ट्स के लिए 5 एकड़ तक जमीन इस्तेमाल की जा सकेगी। यानी आने वाले समय में पर्यटकों को अब मोरनी में सिर्फ झील और पहाड़ नहीं, बल्कि बेहतर ठहराव, फूड टूरिज्म और एडवेंचर हॉस्पिटैलिटी का नया अनुभव मिल सकता है। Haryana CLU Policy

इन्हे मिलेगा मौका

जानकारी के मुताबिक, सरकार ने इस नीति में छोटे कारोबारियों से लेकर बड़े निवेशकों तक सभी के लिए रास्ता खोल दिया है। ढाबों के लिए 500 से 1000 वर्गमीटर तक और रेस्टोरेंट्स के लिए 1001 से 2000 वर्गमीटर तक की सीमा तय की गई है। वहीं बड़े होटल्स को 15 मीटर तक ऊंचाई और ज्यादा FAR (फ्लोर एरिया ऐसा) की सुविधा भी दी गई है। पर्यटन कारोबारियों का मानना है कि इससे मोरनी रोड पर ‘हाईवे टूरिज्म’ को भी जबरदस्त फायदा मिलेगा। चंडीगढ़, पंचकूला, जीरकपुर और हिमाचल की ओर जाने वाले पर्यटक अब मोरनी को एक नए डेस्टिनेशन के रूप में देखेंगे। Haryana CLU Policy

व्यवस्था पर पूरा फोकस

मिली जानकारी के अनुसार, नई नीति में सिर्फ निर्माण की छूट ही नहीं दी गई, बल्कि पर्यटन बढ़ने से होने वाली ट्रैफिक और अव्यवस्था की आशंकाओं को भी ध्यान में रखा गया है। होम-स्टे और ढाबों के लिए 20 फीट तथा होटल और रेस्टोरेंट्स के लिए कम से कम 30 फीट चौड़ा रास्ता अनिवार्य किया गया है। सरकार ने साफ किया है कि सरकारी एजेंसी द्वारा बनाई गई सड़क या पंचायत को दान देकर विकसित कराया गया रास्ता सार्वजनिक मार्ग माना जाएगा। इसके साथ ही पार्किंग मानकों को भी अनिवार्य बनाया गया है ताकि पर्यटन बढ़ने के साथ जाम और अव्यवस्था की समस्या न खड़ी हो। Haryana CLU Policy

निवेशकों को फायदा

जानकारी के मुताबिक, नई CLU नीति में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने बड़ा प्रावधान किया है। तय सेटबैक छोड़ने के बाद उपलब्ध क्षेत्र में 100 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की अनुमति दी गई है। यानी होटल और रेस्टोरेंट मालिक अपनी जमीन का अधिकतम उपयोग कर सकेंगे। इससे मोरनी में बड़े स्तर पर प्राइवेट इन्वेस्टमेंट आने की संभावना बढ़ गई है। Haryana CLU Policy

जंगल और इको-सेंसिटिव

मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संतुलन पर भी फोकस रखा है। यदि कोई परियोजना वन कानून या इको-सेंसिटिव जोन के दायरे में आती है तो संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेना जरूरी होगा। खोल-हाय-रैतान और बीर शिकरगाह वन्यजीव अभयारण्यों के आसपास बिना मंजूरी कोई निर्माण नहीं हो सकेगा। Haryana CLU Policy

आगे बढ़ेगा मोरनी

जानकारी के मुताबिक, सरकार की इस नीति को सिर्फ CLU मंजूरी नहीं, बल्कि मोरनी के ‘टूरिज्म री-ब्रांडिंग प्लान’ के तौर पर देखा जा रहा है। अब तक सीमित सुविधाओं के कारण पर्यटक यहां कुछ घंटे बिताकर लौट जाते थे, लेकिन नए होटल, कैफे और रिसॉर्ट आने के बाद मोरनी में नाइट स्टे और फैमिली टूरिज्म तेजी से बढ़ सकता है। Haryana CLU Policy

मिली जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, जमीनों की कीमतें बढ़ेंगी और मोरनी की अर्थव्यवस्था को नई जान मिलेगी। साफ है कि हरियाणा सरकार अब मोरनी को सिर्फ पहाड़ी इलाका नहीं, बल्कि एक बड़े पर्यटन ब्रांड के रूप में विकसित करने की तैयारी में है।

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