हरियाणा से यूपी एक्सप्रेसवे बदलेगा पूरी तस्वीर, इन 18 गांवों में शुरू हुई जमीन अधिग्रहण के लिए निशानदेही
Udaipur Times, Gorakhpur-Panipat Expressway : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रशासन ने प्रभावित गांवों में जमीन की निशानदेही शुरू कर दी है और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से 70 मीटर चौड़ाई के दायरे में पीले रंग के पिलर लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, कई किसानों ने अधिग्रहण के बदले मिलने वाले मुआवजे को अपर्याप्त बताते हुए नाराजगी जताई है।
70 मीटर चौड़ाई में लगाए जा रहे पीले पिलर
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के निर्माण, चौड़ीकरण, प्रबंधन और संचालन के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। जिन किसानों और भू-स्वामियों की जमीन इस परियोजना में आ रही है, उनकी भूमि की निशानदेही के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से 70 मीटर की चौड़ाई में पीले रंग के पिलर लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार यह कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
18 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
अधिसूचना के मुताबिक चरथावल क्षेत्र के रोनी हरजीपुर, पीपलशाह, नंगलाराई, अरनाइच, मुथरा समेत कुल 18 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
कम मुआवजे से किसानों में नाराजगी
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच कई किसानों ने मुआवजे की राशि को कम बताते हुए असंतोष जताया है। किसानों का कहना है कि मौजूदा बाजार मूल्य के मुकाबले प्रस्तावित मुआवजा पर्याप्त नहीं है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
संयुक्त खाताधारकों की बढ़ी चिंता
संयुक्त (मुस्तर) खाताधारक किसानों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ गई है। किसान मुस्तकीम और डॉ. इमरान का कहना है कि उनकी जमीन का अधिग्रहण तो होगा, लेकिन संयुक्त खाते के कारण मिलने वाला मुआवजा परिवार के अन्य सदस्यों में बंट जाएगा। इससे प्रत्येक खाताधारक को मिलने वाली राशि कम हो जाएगी।
एक्सप्रेसवे से विकास को मिलेगी रफ्तार
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे बनने के बाद क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। इसके अलावा औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। माना जा रहा है कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति देगी।
मोहम्मदपुर-बसेड़ा पटरी मार्ग का काम पांच माह से अधूरा
उधर, पुरकाजी क्षेत्र के मोहम्मदपुर-बसेड़ा रजवाहा पटरी मार्ग का निर्माण कार्य पिछले पांच माह से अधूरा पड़ा है। किसानों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग की है। ठेकेदार सहदेव ने बताया कि तारकोल की उपलब्धता में समस्या के कारण काम रुका था, जिसे जल्द शुरू कर दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर विकास तोमर ने भी अगले दो दिनों में निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने की बात कही है। बरसात के कारण भी कार्य प्रभावित हुआ है।
