क्या आपका भी कोई पड़ोसी चुपके से जुड़ गया है आपके wifi कनेक्शन से ! इन आसान तरीकों से एक मिनट में करें ब्लॉक ?

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क्या आपका भी कोई पड़ोसी चुपके से जुड़ गया है आपके wifi कनेक्शन से ! इन आसान तरीकों से एक मिनट में करें ब्लॉक ?

Udaipur Times, Wi-Fi Security Tips : घर में नया Wi-Fi कनेक्शन लगवाने के बाद ज्यादातर लोग एक बार पासवर्ड सेट करते हैं और फिर राउटर की सेटिंग्स को दोबारा चेक नहीं करते। यही लापरवाही कई बार आपके Wi-Fi नेटवर्क की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।

अगर आसपास का कोई व्यक्ति बिना अनुमति आपके Wi-Fi का इस्तेमाल कर रहा है, तो इससे इंटरनेट की स्पीड प्रभावित हो सकती है और डेटा की खपत भी बढ़ सकती है। ऐसे में समय-समय पर यह चेक करना जरूरी है कि आपके नेटवर्क से कौन-कौन से डिवाइस जुड़े हुए हैं। अच्छी बात यह है कि राउटर की कुछ बेसिक सेटिंग्स बदलकर आप अपने Wi-Fi को काफी हद तक सुरक्षित कर सकते हैं।

राउटर की डिफॉल्ट सेटिंग्स को तुरंत बदलें

Wi-Fi नेटवर्क की सुरक्षा में राउटर की डिफॉल्ट सेटिंग्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कई राउटर में शुरुआत में एडमिन यूजरनेम और पासवर्ड आसान होते हैं। अगर इन्हें बदला न जाए तो अनधिकृत व्यक्ति राउटर की सेटिंग्स तक पहुंचने की कोशिश कर सकता है। इसलिए राउटर सेटअप करने के बाद सबसे पहले एडमिन लॉगिन का पासवर्ड बदलें और मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें।

ऐसे चेक करें कि आपके Wi-Fi से कौन-कौन जुड़ा है

अपने Wi-Fi नेटवर्क से जुड़े डिवाइस की जानकारी आप राउटर की सेटिंग्स में जाकर देख सकते हैं।

फोन या लैपटॉप के ब्राउजर में राउटर का लोकल एड्रेस, जैसे 192.168.1.1 या 192.168.0.1, खोलें।

राउटर के एडमिन यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन करें।

अब Connected Devices, Attached Devices या Device List जैसे विकल्प को खोलें।

यहां आपको नेटवर्क से जुड़े मोबाइल, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और दूसरे डिवाइस दिखाई देंगे।

अगर कोई ऐसा डिवाइस नजर आए जिसे आप पहचानते नहीं हैं, तो पहले यह सुनिश्चित करें कि वह आपके घर का कोई पुराना या स्मार्ट डिवाइस तो नहीं है। जरूरत पड़ने पर उसे नेटवर्क से हटाया जा सकता है।

Wi-Fi और एडमिन पासवर्ड रखें अलग-अलग 

Wi-Fi से कनेक्ट होने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला पासवर्ड और राउटर का एडमिन पासवर्ड अलग-अलग होते हैं। एडमिन पासवर्ड के जरिए राउटर की कई महत्वपूर्ण सेटिंग्स बदली जा सकती हैं।

इसलिए दोनों के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड रखें। Wi-Fi की सिक्योरिटी सेटिंग में अगर विकल्प उपलब्ध हो तो WPA3 को प्राथमिकता दें। पुराने WEP जैसे सुरक्षा मानकों का इस्तेमाल करने से बचें। ऐसे राउटर में, जहां WPA3 उपलब्ध नहीं है, WPA2 का इस्तेमाल किया जा सकता है।

WPS बंद करना भी है जरूरी

राउटर में मौजूद WPS (Wi-Fi Protected Setup) फीचर डिवाइस को आसानी से नेटवर्क से जोड़ने के लिए बनाया गया है। हालांकि, अगर आपको इसकी जरूरत नहीं है तो इसे बंद रखना एक अतिरिक्त सुरक्षा उपाय हो सकता है।

राउटर की सेटिंग्स में जाकर WPS विकल्प को Disable किया जा सकता है। साथ ही Wi-Fi का पासवर्ड कम से कम 12-16 अक्षरों का रखें और उसमें बड़े-छोटे अक्षरों, नंबर और स्पेशल कैरेक्टर का मिश्रण इस्तेमाल करें।

SSID छिपाने से पूरी सुरक्षा नहीं मिलती

कुछ राउटर में Hide SSID का विकल्प मिलता है, जिससे Wi-Fi नेटवर्क का नाम सामान्य Wi-Fi लिस्ट में दिखाई नहीं देता। इसे अतिरिक्त गोपनीयता के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह अपने आप में मजबूत सुरक्षा उपाय नहीं है।
Wi-Fi को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत पासवर्ड और आधुनिक सिक्योरिटी स्टैंडर्ड का इस्तेमाल ज्यादा महत्वपूर्ण है।

MAC Filtering से चुनिंदा डिवाइस को दें सकते हैं अनुमति

राउटर में MAC Address Filtering का विकल्प उपलब्ध होने पर आप कुछ खास डिवाइस को नेटवर्क से कनेक्ट होने की अनुमति दे सकते हैं। इसके जरिए अपने फोन, लैपटॉप या अन्य डिवाइस के MAC Address को अनुमति सूची में शामिल किया जा सकता है।

हालांकि, इसे Wi-Fi सुरक्षा की एकमात्र परत नहीं मानना चाहिए, क्योंकि MAC Address आधारित सुरक्षा को भी बायपास किया जा सकता है। इसलिए मजबूत Wi-Fi पासवर्ड और WPA2/WPA3 सिक्योरिटी का इस्तेमाल जारी रखना जरूरी है।

राउटर का फर्मवेयर भी करते रहें अपडेट

सिर्फ Wi-Fi पासवर्ड बदलना ही काफी नहीं है। राउटर के फर्मवेयर को भी समय-समय पर अपडेट करना चाहिए। कंपनियां नए अपडेट के जरिए सिक्योरिटी कमजोरियों को ठीक करती हैं और राउटर के प्रदर्शन में भी सुधार कर सकती हैं। 

अगर आपको अपने Wi-Fi नेटवर्क में कोई अनजान डिवाइस दिखाई देता है, तो सबसे पहले Wi-Fi पासवर्ड बदलें, सभी पुराने कनेक्टेड डिवाइस की जांच करें और राउटर की सिक्योरिटी सेटिंग्स को अपडेट करें।

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