हरियाणा में E-कार्गो वाहन खरीदने, जमीन लीज पर लेने व लोन पर मिलेगी ₹5 लाख की मदद ! जाने पूरा प्रोसेस

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हरियाणा में E-कार्गो वाहन खरीदने, जमीन लीज पर लेने व लोन पर मिलेगी ₹5 लाख की मदद ! जाने पूरा प्रोसेस 

Udaipur Times, Haryana News : राज्य सरकार ने प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को सशक्त बनाने, पर्यावरण अनुकूल ग्रीन लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देने और सर्विस सेक्टर की मजबूती के लिए तीन बड़े फैसलों का एक साथ ऐलान किया है। विश्व बैंक समर्थित आरएमपी कार्यक्रम के अंतर्गत तीनों योजनाओं की अधिसूचना जारी की है। इन योजनाओं का मकसद MSME इकाइयों की बिजनेस ऑपरेटिंग कॉस्ट (व्यापार संचालन लागत) को घटाना, पूंजी तक पहुंच आसान बनाना और राज्य में प्रदूषण रहित परिवहन को प्रोत्साहित करना है। 

MSME को 5 लाख रुपए तक की सब्सिडी इन योजनाओं में दी जाएगी। राज्य में करीब 15 लाख MSME रजिस्टर्ड हैं। सरकार द्वारा कुछ समय पहले ही MSME को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी बनाई गई थी। सरकार ने इसके तहत अगले पांच साल में MSME सेक्टर में 55 हजार करोड़ के निवेश और 5 लाख रोजगार का लक्ष्य रखा है।

अपनी लॉजिस्टिक्स आवश्यकताओं के लिए नए कमर्शियल इलेक्ट्रिक कार्गो वाहन (3-व्हीलर, 4-व्हीलर या ट्रक) खरीदने वाले MSME को वाहन की एक्स-शोरूम कीमत पर 15% की सब्सिडी (अधिकतम 5 लाख रुपए) रीइंबर्स की जाएगी। यह सब्सिडी पहले 250 पात्र MSME को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी। वाहन 1 अप्रैल 2026 के बाद हरियाणा के अधिकृत डीलर से खरीदा गया हो और हरियाणा में ही रजिस्टर्ड हो।

लीज रेंटल चार्जेस रीइंबर्समेंट स्कीम

राहत

प्लग एंड प्ले सुविधाओं, फ्लैटेड फैक्ट्रियों या स्वीकृत सरकारी-निजी परिसरों में किराए-लीज पर चलने वाली सूक्ष्म इकाइयों को लीज शुल्क का 25 प्रतिशत रीइंबर्समेंट (अधिकतम 5 लाख रुपए प्रति वर्ष) लगातार 3 वर्षों तक दिया जाएगा।

शर्तें

1 अप्रैल 2025 को या उसके बाद व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने वाली मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सूक्ष्म इकाइयां पात्र होंगी। लीज कम से कम 3 साल की होनी चाहिए। ट्रेडिंग इकाई इसमें शामिल नहीं हैं।

MSME ब्याज सबवेंशन योजना

राहत

सर्विस सेक्टर की नई सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों द्वारा लिए गए टर्म लोन या वर्किंग कैपिटल लोन पर 2% प्रति वर्ष (अधिकतम 5 लाख रुपए प्रति वर्ष) की ब्याज छूट/सब्सिडी 3 साल के लिए मिलेगी।

शर्तें

1 अप्रैल 2025 के बाद ऋण लेने वाली स्वास्थ्य सेवा, आईटी, पर्यटन, शिक्षा/स्किल सेंटर, वेस्ट मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग एवं टेस्टिंग लैब्स जैसी सेवाएं प्रदान करने वाली इकाइयां इसके लिए पात्र हैं। बैंक में आवेदक डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया और नियम

सभी पात्र इकाइयों को MSME निदेशालय के वेब पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

वाहन खरीद या वित्तीय वर्ष समाप्त होने के 3 महीने के भीतर आवेदन जमा करना अनिवार्य है।

यदि किसी इकाई ने गलत तथ्य देकर सब्सिडी प्राप्त की, तो 12% चक्रवृद्धि ब्याज के साथ पूरी राशि वसूली जाएगी व ब्लैकलिस्ट कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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