हाईकोर्ट ने ठुकराई नागर की अपील
सुर्खियों में चल रहे जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कुलप्रमुख मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने प्रफुल्ल नागर की एस.वी सिविल मिसलेनियस अपील नम्बर 2472/12 को निपटा दिया है।
सुर्खियों में चल रहे जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कुलप्रमुख मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने प्रफुल्ल नागर की एस.वी सिविल मिसलेनियस अपील नम्बर 2472/12 को निपटा दिया है। जानकारी है कि नागर ने अतिरिक्त जिला जज 1 नम्बर उदयपुर के प्रकरण संख्या 39, 2012 में कुल प्रमुख पद से मनोनयन निरस्त करने पर अस्थायी निषेधाज्ञा के प्रार्थना पत्र को खारीज करने पर दिये गये निर्णय दिनांक 11.10.2012 को चुनौती दी थी। चुनौती के चलते अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने 1 नम्बर को अपने आदेश में स्पष्ट निर्णय किया था कि प्रार्थी प्रफुल्ल नागर का मनोनयन कुलाधिपति द्वारा तीन वर्षो से पूर्व कभी भी निरस्त किया जा सकता था और नये कुल प्रमुख द्वारा कार्यभार भी ग्रहण कर लिया गया है।
परिणामतः – प्रार्थी प्रफुल्ल नागर अपने पक्ष में उपरोक्त तीन बिन्दुओं को साबित कर पाने में असफल रहे हैं। अतः वह अस्थायी निषेधाज्ञा प्राप्त करने का अधिकारी नहीं हैं।
विदित रहे कि प्रफुल्ल नागर ने विद्यापीठ रजिस्ट्रार के 5 सितम्बर 2012 के आदेश को चुनौति दी थी जिसके अनुसार उन्हें हटाकर भंवरलाल गुर्जर को कुलप्रमुख मनोनीत किया गया था। राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के न्यायमूर्ति गोपाल कृष्ण व्यास ने उक्त आदेश में बिना हस्तक्षेप किये इस निर्देश के साथ अपील खारीज कर दी की अधिनस्थ न्यायालय 3 माह में मुकदमे को निपटाएँ।