चंडीगढ़ में हाई-वोल्टेज प्रदर्शन ! सांसद के तीन हजार समर्थकों पर FIR, बैरिकेड तोड़ CM आवास के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारी
Chandigarh FIR filed against 3,000 supporters of MP : पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के समर्थकों और अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी आवास से करीब एक किलोमीटर की दूरी तक पहुंच गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने वाटर कैनन पर भी कब्जा कर लिया और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की घटनाएं भी सामने आईं।
समन्वय और खुफिया तंत्र पर उठे सवाल
पूर्व डीजीपी एपी पांडे ने घटना को चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस के बीच समन्वय तथा जमीनी स्तर की खुफिया जानकारी की कमी का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े प्रदर्शन के बारे में पहले से जानकारी होने के बावजूद पुलिस को बेहतर तैयारी करनी चाहिए थी।
पुलिस की रणनीति कैसे हुई फेल?
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन से पहले चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस के बीच संयुक्त बैठक हुई थी और रूट प्लान भी तैयार किया गया था। बावजूद इसके, प्रदर्शनकारियों को मोहाली सीमा पर नहीं रोका गया और वे चंडीगढ़ में प्रवेश कर गए। पहले बैरिकेड पर पुलिस बल कम होने के कारण प्रदर्शनकारियों ने वाटर कैनन पर कब्जा कर लिया और कुछ ही मिनटों में बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास तक के रास्ते में पर्याप्त बैरिकेडिंग भी नहीं थी।
SSP ने पुलिस का किया बचाव
चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि पुलिस नहीं चाहती थी कि स्थिति और अधिक बिगड़े। उनके मुताबिक संगठन के नेताओं के साथ एक सप्ताह से बातचीत चल रही थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए। उन्होंने दावा किया कि कुछ प्रदर्शनकारी हथियार लेकर आए थे, जिससे पुलिसकर्मी घायल हुए।
15 नामजद समेत हजारों लोगों पर केस दर्ज
चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में 15 नामजद आरोपियों समेत 2,500 से 3,000 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात जवानों के साथ मारपीट की गई और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई।
