हिंदी मीडियम बनी ताकत, पहले प्रयास में UPSC पास कर IRS अधिकारी बनी अलका त्रिपाठी

 | 
हिंदी मीडियम बनी ताकत, पहले प्रयास में UPSC पास कर IRS अधिकारी बनी अलका त्रिपाठी

Udaipur Times, Success Story of IRS Officer Alka Tripathi : उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले की रहने वाली अलका त्रिपाठी (Alka Tripathi) ने साबित कर दिया कि सफलता के लिए भाषा नहीं, बल्कि मेहनत और लगन मायने रखती है। हिंदी मीडियम से पढ़ाई करने वाली अलका ने अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर ऑल इंडिया रैंक 657 हासिल की। वर्तमान में वह भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।

गांव से शुरू हुई पढ़ाई

अलका त्रिपाठी  (Alka Tripathi) उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के बिरतिया क्षेत्र की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव के स्कूल से पूरी की। इसके बाद 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई बस्ती शहर के सावित्री विद्या विहार स्कूल से की। अलका शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों परीक्षाओं में यूपी बोर्ड से 97 प्रतिशत अंक हासिल किए।

पिता के निधन के बाद भी नहीं टूटा हौसला

अलका के पिता वीरेंद्र त्रिपाठी का निधन हो चुका है। कठिन परिस्थितियों में उनके चाचा धीरेंद्र त्रिपाठी ने उनका पूरा साथ दिया और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने अपने सपनों को साकार किया।

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से की ग्रेजुएशन

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अलका ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। ग्रेजुएशन के दौरान उनकी रुचि भूगोल विषय में बढ़ी। वर्ष 2022 में ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया और तैयारी के लिए दिल्ली चली गईं।

पहले ही प्रयास में UPSC किया क्रैक

दिल्ली में रहकर अलका ने पूरी मेहनत के साथ UPSC की तैयारी की। उन्होंने प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू तीनों हिंदी माध्यम से दिए। वर्ष 2024 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने पहले ही प्रयास में AIR 657 हासिल कर सफलता प्राप्त की।

रैंक के आधार पर उन्हें भारतीय राजस्व सेवा (IRS) आवंटित हुई। वर्तमान में वह वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आयकर विभाग में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

अलका त्रिपाठी की सफलता उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने के कारण खुद को पीछे समझते हैं। उनकी कहानी बताती है कि सही रणनीति, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News