हिन्दुस्तान जिंक की पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा


हिन्दुस्तान जिंक की पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा

19 जुलाई, 2019 को जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक ने आयोजित अपनी निदेशक मण्डल की बैठक में 30 जून, 2019 को समाप्त पहली तिमाही के वित्तीय परि

 

हिन्दुस्तान जिंक की पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा

पहली तिमाही में 1,765 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ

19 जुलाई, 2019 को जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक ने आयोजित अपनी निदेशक मण्डल की बैठक में 30 जून, 2019 को समाप्त पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।

कंपनी की प्रमुख उपलब्धियां:-

  •  वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 219,000 टन रिफाइन्ड धातु उत्पादन हुआ जो कि गतवर्ष की पहली तिमाही की तुलना में 3 % अधिक है
  •  वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 159 टन चांदी का उत्पादन जो गतवर्ष की समान तिमाही की तुलना में 15% अधिक है।
  • वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 213,000 टन खनित धातु का उत्पादन जो गतवर्ष की समान तिमाही की तुलना में 1% अधिक है।

हिन्दुस्तान जिंक की चेयरमैन श्रीमती किरण अग्रवाल जी ने बताया कि ‘‘कंपनी की विस्तार परियोजनाएं ट्रेक पर है और जैसा कि वे पूरी होने वाली है, एक सस्टेनेबल ऑपरेशन्स उद्योग नेतृत्व के रूप में हमारी स्थिति मजबूत हुई है। हम विश्व स्तरीय परिसंपत्तियों के साथ सबसे कम लागत वाले उत्पादकों में से एक हैं जो किसी भी बाजार वातावरण में हमारे सभी स्टेकहोल्डर्स को उच्च रिटर्न प्रदान कर सकते हैं।’’

हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुनील दुग्गल ने बताया कि ‘हमें उम्मीद है कि आगामी तिमाहियों में उत्पादन में वृद्धि होगी और साथ ही आंतरिक क्षमता, टेक्नोलाॅजी एण्ड डिजिटाईजेशन के प्रयासों से उत्तरोत्तर लागत में कमी आएगी। जैसा कि हमने अपनी वार्षिक क्षमता 1.2 एमटीपीए से 1.35 एमटीपीए विस्तार करने की ओर प्रयास शुरू कर दिये है। इसके लिए हमने भावी सुरक्षा के लिए मौजूद भण्डारों और नए अयस्क बाॅडीज की क्षमता का फायदा उठाने के लिए एक्सप्लोरेशन के कार्य को गति दी गई है।’’

हिन्दुस्तान जिंक के कार्यवाहक मुख्य वित्तीय अधिकारी श्री स्वयं सौरभ ने बताया कि ’’हम अपने भावी ऑपरेशन्स को डिजिटल परिवर्तन और पर्यावरण के अनुकूल तथा लागत प्रभावी टेक्नोलाॅजीज के माध्यम से तैयार करने के लिए निवेश कर रहे हैं ताकि अयस्क से धातु अनुपात को बढ़या जा सके। हमारी बैलेंस शीट जीरो डेब्ट के साथ भारत में एक सबसे मजबूत स्थिति में है तथा हमारे पास सुदृढ़ नकदी रूपांतरण प्राप्त करने के लिए अनुशासन ऑपरेशन्स है।’’

वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में 213,000 टन खनित धातु उत्पादन हुआ जो कि गतवर्ष की पहली तिमाही की तुलना में 1 प्रतिशत अधिक है जो लोवर ग्रेड से 10 प्रतिशत हायर अयस्क उत्पादन के कारण संभव हुआ है।

वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के दौरान 219,000 टन एकीकृत धातु का उत्पादन हुआ जो गतवर्ष की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक है। खनित धातु उत्पादन के साथ 172,000 टन एकीकृत जस्ता धातु का उत्पादन हुआ है। इस तिमाही में 48,000 टन एकीकृत सीसा धातु का उत्पादन हुआ जो गतवर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। तिमाही के दौरान 159 मैट्रिक टन एकीकृत चांदी का उत्पादन हुआ जो गतवर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है जो उच्चतर सीसा के परिणामस्वरूप संभव हुआ है।

वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के दौरान कंपनी ने 4,987 करोड़ रु. का राजस्व अर्जित किया तथा पहली तिमाही में कंपनी ने 1,765 करोड़ रु. का शुद्ध लाभ अर्जित किया है।

सिंदेसर खुर्द में, शाफ्ट पूरी तरह से प्रारंभ हो गया है तथा खदान के साथ एकीकृत है। जून माह में दूसरा पेस्ट फिल प्लांट चालू हो गया, जिससे खदान को पूर्ण उत्पादन क्षमता से काम करने की स्वतंत्रा मिली है।

रामपुरा आगुचा में शाफ्ट परियोजना का कार्य प्रगति पर है और वित्तीय वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में पूरा होने की संभावना है।

जा़वर में भारत का पहला ड्राई टेल स्टैकिंग प्लांट चालू तिमाही में प्रारंभ हो जाएगा, जिससे पानी की खपत और भूमि की आवश्यकता को कम किया जा सकेगा।

इसके अतिरिक्त, दो पेस्ट फिल प्लांट वित्तीय वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही में चालू करने के लिए कार्य प्रगति पर है।

राजपुरा दरीबा में, मौजूदा उत्पादन शाफ्ट की क्षमता को 0.7 से 1.3 एमटीपीए तक बढ़ाकर डीबोटलनेक में अपग्रेड किया जा रहा है जो वित्तीय वर्ष 2020 की चैथी तिमाही तक पूरा होने की संभावना है। इसके अलावा, अयस्क उत्पादन की क्षमता में वृद्धि के लिए भूमिगत से मिल तक अयस्क को पंप करने के लिए एक प्रि-फिजीबिल्टी अध्ययन किया गया है।

स्मेल्टर डीबोटलनेक का विस्तार कार्य प्रगति पर है जो 1.2 एमटीपीए से 1.13 एमटीपीए चालू तिमाही में पूरा हो जाएगा। फ्यूमर का कमीशनिंग पहले ही प्रारंभ हो चुका है।

कंपनी की अगले चरण की खदान विस्तार योजना के अनुसार उत्पादन क्षमता 1.2 से 1.35 एमटीपीए करने का कार्य प्रगति पर है। विकास क्षमता एवं ग्रेड में सुधार, टनभार में वृद्धि, रिकवरीज़ में सुधार तथा भण्डारों में वृद्धि का मूल्यांकन करने के लिए प्रयास प्रारंभ कर दिया गया है। इस अध्ययन के पश्चात् परियोजना प्रबन्धन कार्यालय (पीएमओ) की भागीदारी से स्कूपिंग एण्ड फिजीबिल्टी होगी। अध्ययनों और स्कूपिंग का कार्य वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही तक पूरा हो जाने संभावना है।

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