हिन्दुस्तान जिंक द सीएसआर जर्नल एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित

हिन्दुस्तान जिंक को कृषि एवं ग्रामीण विकास कार्यक्रम समाधान एवं महिला सशक्तिकरण की सखी परियोजना के लिए ‘द सीएसआर जर्नल एक्सीलेंस अवार्ड 2018’ से सम्मानित किया गया है। दिल्ली के विज्ञान भवन में सोमवार को आयोजित समारोह में यह पुरस्कार केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी द्वारा दिया गया।

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हिन्दुस्तान जिंक द सीएसआर जर्नल एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित

हिन्दुस्तान जिंक को कृषि एवं ग्रामीण विकास कार्यक्रम समाधान एवं महिला सशक्तिकरण की सखी परियोजना के लिए ‘द सीएसआर जर्नल एक्सीलेंस अवार्ड 2018’ से सम्मानित किया गया है। दिल्ली के विज्ञान भवन में सोमवार को आयोजित समारोह में यह पुरस्कार केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी द्वारा दिया गया।

समारोह में नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि और किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री, भारत सरकार और सुश्री हरसिमरत कौर बादल, कैबिनेट मंत्री खाद्य प्रसंस्करण, सहित अन्य सम्मानित गणमान्य लोगों ने भी भाग लिया। हिंदुस्तान जिंक़ की ओर से सीएसआर हेड चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर विशाल अग्रवाल एवं सीएसआर अधिकारी नैरूति सांघवी ने महिला सशक्तिकरण हेतु एवं हेड सीएसआर देबारी शिव भगवान एवं अधिकारी अखिल नसीम ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए यह पुरस्कार ग्रहण किया।

उल्लेखनीय है कि हिन्दुस्तान जिंक, समाधान परियोजना-एकीकृत कृषि विकास और पशुपालन परियोजना, के माध्यम से राजस्थान के 5 जिलों उदयपुर, भीलवाड़ा अजमेर, राजसमंद और चितौडगढ़ स्थित इकाइयों के आसपास के 184 गांवों में विभिन्न कृषि विकास की गतिविधियों और पशुपालन योजनाओं द्वारा 30 हजार किसान परिवारों को लाभान्वित कर रहा है। प्रतिवर्ष निर्धारित एकीकृत कृषि विकास एवं पशुधन विकास की वैज्ञानिक विधियों के सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है जिससे अब तक किसान परिवार 800 फलो की बाडियों, विभिन्न प्रकार की सब्जियों के उत्पादन और रबी और खरीफ का गुणवत्तापूर्ण फसल लेकर लाभान्वित हो रहे है।

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इसी प्रकार महिला सशक्तिकरण के तहत् हिन्दुस्तान जिंक की सखी परियोजना द्वारा 166 चिन्हित गांवों की 23954 ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूह कार्यक्रम से जोड़ा गया है। जिसकी पिछले 3 वर्षो में 6 करोड़ 22 लाख बचत राशि से महिलाएं अपना आर्थिक स्वावलंबन सुनिश्चित कर रही है। परिणामस्वरूप आज ये ग्रामीण महिलाएं अपना स्वरोजगार केंद्र चला रही है। महिलाएं स्वयं सहायता समूह से संगठित हो कर ग्राम स्तर पर ग्राम संगठन गठित कर रही है एवं ग्रामसंगठन से फैडरेशन के रूप में गठित होकर सामाजिक तौर पर अपना और अपने गांव का उन्नयन करने की ओर अग्रसर हैै।

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