हिन्दुस्तान जिंक को तीसरी तिमाही में 1,620 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ
ऽ 2,288 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए जो पिछली तिमाही की तुलना में 8% अधिक है।
ऽ वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में 235,000 टन खनित धातु उत्पादन हुआ जो कि पिछली तिमाही की तुलना में 7% अधिक है
ऽ वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में 219,000 टन रिकाॅर्ड रिफाइन्ड धातु का उत्पादन जो पिछली तिमाही की तुलना में 4% अधिक है।
ऽ वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में 149 मैट्रीक टन रिकाॅर्ड रिफाइन्ड चांदी का उत्पादन जो पिछली तिमाही की तुलना में 11% अधिक है।
उदयपुर 20 जनवरी, 2020 को हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने सोमवार को आयोजित निदेशक मण्डल की बैठक में 31 दिसम्बर 2019 को समाप्त तीसरी तिमाही व नौःमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।
तिमाही के दौरान खनित धातु का उत्पादन 235,000 टन हुआ है जो पिछली तिमाही की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है जो उच्च अयस्क उत्पादन और बेहतर समग्र ग्रेड के परिणामस्वरूप हुआ।
तीसरी तिमाही में एकीकृत धातु का उत्पादन 219,000 टन हुआ है जो पिछली तिमाही की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक है। जस्ता का उत्पादन 178,000 टन हुआ है जो पिछली तिमाही की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है जबकि तिमाही के दौरान सीसा धातु का उत्पादन 41000 टन हुआ है। तिमाही के दौरान एकीकृत जस्ता के उत्पादन में उच्च खनित धातु उपलब्धता के अनुरूप वृद्धि हुई है। तिमाही के दौरान एकीकृत चांदी का उत्पादन 149 मैट्रीक टन हुआ है जो 11 प्रतिशत अधिक है जो कि सिन्देसर खुर्द खदान में उच्चतर चांदी की ग्रेड होने के कारण संभव हुआ है।
कंपनी ने तीसरी तिमाही के दौरान 4,672 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है तथा तिमाही के दौरान 2,288 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए रहा है जो पिछली तिमाही की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने तीसरी तिमाही के दौरान 1,620 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वर्तमान में चल रही खनन विस्तार का कार्य अंतिम चरण में है साथ ही 1.2 मिलियन मैट्रीक टन की वार्षिक क्षमता प्राप्त करने की ओर अग्रसर है।
रामपुरा-आगुचा में भूमिगत खदान में शाफ्ट को कमीशन किया गया है और शाफ्ट से अयस्क की ढुलाई का कार्य फरवरी 2020 में प्रारंभ होने की संभावना है। इससे रामपुरा-आगुचा भूमिगत खदान में 4.5 मिलियन टन उत्पादन प्राप्त हो सकेगा। जावर में, दो बैकफिल प्लांट चालू है तथा फरवरी 2020 में बैकफिल की शुरूआत होने की संभावना है। चंदरिया में फ्यूमर प्रोजेक्ट का कार्य प्रगति पर है और फरवरी 2020 तक धातु का उत्पादन होने की संभावना है।
