हिंदुस्तान जिंक ने शिक्षा सम्बल अभियान के अंतर्गत चलाई शीतकालीन कक्षाएं

हिंदुस्तान जिंक ने शिक्षा सम्बल अभियान के अंतर्गत चलाई शीतकालीन कक्षाएं

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रख्यात वालंटियर्स ने ली कक्षाएँ

 
HZ

बोर्ड परीक्षाओं के अभ्यास के लिए भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को दिए गए मॉडल पेपर

हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा संचालित शिक्षा संबल कार्यक्रम के तहत बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए शीतकालीन कक्षाओं का किया गया आयोजन। ये कक्षाएं 25 से 31 दिसम्बर तक राजस्थान के पांच जिलों के 64 सरकारी स्कूलों के लगभग 1700 विद्यार्थियों के लिए संचालित की गयी थीं। ये सभी विद्यालय हिन्दुस्तान जिंक ईकाइयों के आस पास अजमेर, आगुचा, चित्तौड़, दरीबा, देबारी व जावर के हैं। शिक्षा संबल प्रोजेक्ट के तहत भाग लेने वाले 1700 विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित व अंग्रेजी विषय के मॉडल पेपर, डेस्क वर्क उपलब्ध कराये गये।

कक्षाओं में पढ़ाने के लिए 56 प्रोजेक्ट अध्यापकों के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित कालेजों से आये 44 वालंटियर्स ने हिस्सा लिया। विद्या भवन के 10 लोगों की टीम द्वारा कक्षाओं की नियमित माँनिटरिंग की गयी। विज्ञान, गणित व अंग्रेजी विषय में सात दिन तक विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार किया गया। छोटे-छोटे समूहों में विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन का काम पूरा किया गया।

इसमें विद्यार्थियों को एक दूसरे से सीखने के साथ अध्यापकों तथा विद्या भवन सोसायटी का पूरा सहयोग मिला। कार्यक्रम समापन पर जावर में टीडी ग्राम पंचायत के सरपंच देवेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि शिक्षा संबल कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अतिरिक्त अवसर दिया जा रहा  है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए इसका लाभ विद्यार्थियों को जरुर उठाना चाहिए। दरीबा लोकेशन में मेहन्दुरिया स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य भगवान लाल सुखवाल ने कहा कि कोरोना जैसे कठिन समय में विद्यार्थियों को पढ़ने लिखने के अवसर में बाधा आयी लेकिन शिक्षा संबल कार्यक्रम द्वारा विद्यार्थियों को पढ़ने लिखने से जोड़े रखा गया।

यह कार्यक्रम सभी विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है इसे आगे बढ़ाया जाना चाहिए। मेहन्दुरिया स्कूल की विद्यार्थी माया मेघवाल ने कक्षा के अनुभव साझा करते हुए बताया कि विज्ञान, गणित व अंग्रेजी विषय में हमें छोटे समूह में पढ़ाया गया। इससे सभी ने अपने सवाल पूछे और उसे अध्यापकों ने अच्छे से समझाया। नए अध्यापकों का व्यवहार बहुत अच्छा रहा। आगुचा लोकेशन पर समापन समारोह को संबोधित करते हुए सीएसआर कर्मचारी वैभवी ने कहा कि यह कक्षाएं विषय के डाउट क्लियर करने के लिए लगाई गई थीं ताकि बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थी पेपर अच्छे से समझकर कर हल कर सकें।

हुरडा बालिका विद्यालय की छात्राओं ने ऐसी कक्षाओं को और अधिक दिन चलाने की बात कही। शीतकालीन कक्षाओं में लगभग 70 प्रतिशत विद्यार्थियों ने नियमित अध्ययन किया। शिक्षा संबल कार्यक्रम समझ के साथ पढ़ने और बेहतर बोर्ड परीक्षा परिणाम हासिल करने के लिए हिदुस्तान जिंक द्वारा 12 वर्षों से सफलता पूर्वक संचालित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के तहत प्रतिवर्ष लगभग 7000 विद्यार्थी लाभ उठा रहे है। कार्यक्रम के समापन समारोह  में स्थानीय सरपंच, एसएमसी सदस्य, प्रिंसिपल, अभिभावक व  सीएसआर टीम के सदस्यों के साथ विद्या भवन शिक्षा संदर्भ केंद्र के साधन सेवियों द्वारा भागीदारी की गयी और विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया गया।

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