हिन्दुस्तान जिंक खर्च करेगा प्रशिक्षण के लिए 6 करोड़

हिन्दुस्तान जिंक द्वारा अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्किल काउन्सिल फोर माईनिंग सेक्टर तथा इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ स्किल डवलपमेंट के सहयोग से राज्य के युवाओं को खनन क्षेत्र में प्रषिक्षण दिया जाएगा। 18 महीनों के दौरान लगभग 120 युवाओं को प्रषिक्षण दिया जाएगा

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हिन्दुस्तान जिंक खर्च करेगा प्रशिक्षण  के लिए 6 करोड़

हिन्दुस्तान जिंक द्वारा अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्किल काउन्सिल फोर माईनिंग सेक्टर तथा इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ स्किल डवलपमेंट के सहयोग से राज्य के युवाओं को खनन क्षेत्र में प्रषिक्षण दिया जाएगा। 18 महीनों के दौरान लगभग 120 युवाओं को प्रशिक्षण  दिया जाएगा।

‘‘राजस्थान के योग्य एवं पात्र 120 युवाओं को दो चरणों में प्रशिक्षण  दिया जाएगा। प्रशिक्षण  खनन प्रचालन ‘विशेषकर  अण्डर ग्राउण्ड माईन्स’ में उपयुक्त ‘हेवी अर्थ मूविंग मषीनरीज’ जैसे ‘जम्बो ड्रील’, उपकरणों के रखरखाव व संचालन आदि में दिया जाएगा। पहले चरण में राजसंमद जिले के रेलमगरा तहसील के चयनित अभ्यार्थियों को 3 अक्टूबर, 2016 से 45 दिवसीय प्रशिक्षण प्रारम्भ किया जाएगा। प्रशिक्षण के दूसरे चरण में अभ्यार्थियों को तीन समूहों में बांटकर उदयपुर, भीलवाड़ा एवं राजसमंद में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। ज्ञातव्य रहे कि चयनित अभ्यार्थियों को प्रशिक्षण केन्द्र में ही ठहरना अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण के दौरान आवासीय सुविधाओं व भोजन आदि की निःशुल्क व्यवस्था के अलावा मासिक स्टाईफण्ड भी दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सरकार से मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र युवाओं को अच्छा रोजगार प्राप्त करने में सहायक एवं अति महत्वपूर्ण होगा हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौशिक ने बताया।’’

हिन्दुस्तान जिंक युवाओं को 18 महीनों की अवधि के प्रशिक्षण के लिए 6.00 करोड़ रुपये खर्च करेगा।

ज्ञातव्य रहे कि प्रशिक्षण के लिए अभ्यार्थी की शैक्षणिक योग्यता हिन्दी/अंग्रेजी भाषा में दक्षता के साथ किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से इलेक्ट्रीशियन/फीटर/मैकेनिक/डीजल/मोटरड्राईंग एवं मैकेनिक/मैकेनिक मोटर गाडी में आई.टी.आई. अथवा मैकेनिक / ऑटोमोबाईल / माईंनिंग / इलेक्ट्रीकल में डिप्लोमा था। भारी एवं हल्के वाहन चलाने के लाईसेन्सधारी अभ्यार्थियों को प्राथमिकता दी गई।

प्रशिक्षण की अवधि डेढ़ वर्ष होगी। इस अवधि के पूर्व सफलतापूर्वक प्रशिक्षण करने एवं जांच परीक्षा में उत्तीर्णपरांत अभ्यार्थियों का प्रमाण पत्र के साथ-साथ देश /विदेश में किन्ही भी खनन इकाईयों में आवश्यकता  होने पर नियोजन हेतु मार्गदर्शन  दिया जाएगा।

प्रशिक्षण के माध्यम से अभ्यार्थियों को सामूहिक प्रयास, अनुशासन और सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास के बारे में जानकारी मिलती है जिससे युवकों को स्थायी आजीविका हासिल करने में मदद मिलती है। प्रशिक्षण अनेकों शिक्षा से वंचित युवाओं के लिए प्रेरित रहा है, साथ ही सम्मानजनक जीवनयापन करने एवं भविष्य में सीखने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया है। प्रशिक्षण शिक्षा से वंचित बेरोजगार ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए महत्वपूर्ण विकल्प है।

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