गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने शनिवार को यूआईटी परिसर से दस कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर शहर की स्वच्छता के क्षेत्र में एक और मील का पत्थर स्थापित किया। नगर निगम के बाद यूआईटी ने अपने द्वारा विकसित कॉलोनियों पर डोर-टू-डोर कचार संग्रहण प्रारम्भ करके स्मार्ट सिटी की दिशा में एक और ठोस कदम रख दिया।
इस अवसर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कटारिया ने कहा कि झीलों के शहर को स्मार्ट बनाने में दोनों नगर निकाय जुटे हुए हैं। उन्होने लोगों से स्वच्छता के प्रति जागरुक होने तथा कचरा संग्रहण वाहनों में ही कचरा डालने का आह्वान किया। उन्होने शहर को शीघ्र ओडीएफ करने की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह करते हुए नागरिकों से सहयोग की अपील की। स्मार्ट सिटी की झीलों के सौंदर्यीकरण, नई सड़कों के विकास, आवागमन सुधारने जैसे कई कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होने उम्मीद जताई कि शहर के पर्यटन में अभिवृद्धि होगी। समारोह को सांसद अर्जुन लाल मीणा, मावली विधायक दलीचंद डांगी, प्रन्यास अध्यक्ष रवींद्र श्रीमाली, प्रन्यास सचिव रामनिवास मेहता ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं आमजन उपस्थित रहे।
57 कॉलोनियों से होगा कचरा संग्रहण
प्रन्यास अध्यक्ष रवींद्र श्रीमाली ने बताया कि प्रथम चरण में शहर के उत्तर एवं उत्तर पश्चिम में प्रन्यास द्वारा विकसित 57 कॉलोनियों में यह व्यवस्था शुरु की गई है। अगले चरण में अन्य कॉलोनियों में इस कार्य का विस्तार किया जाएगा। करीब 1 करोड़ 35 लाख में एक साल के लिए हरियाणा की अनुभवी फर्म को यह कार्य सौंपा गया है। कुल दस वाहन लगाए गए हैं जो चित्रकूट नगर, भुवाणा, फ्लोरा काम्पलेक्स, नवरतन, टेक्नोक्रेट, महाप्रज्ञ विहारस, गांधी नगर, गरीब नवाज आदि कालोनियों से कचरा संग्रह करेंगे। साथ ही शोभागपुरा सर्किल से जीएसएस तक, चित्रकूट से प्रतापनगर, आरके सर्किल से अम्बेरी तथा शहर में प्रवेश करने वाले मुख्यमार्गों पर भी सफाई का कार्य भी किया जाएगा।
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