लक्षकार समाज समिति की रजत जयंती पर वरिष्ठजनों, प्रतिभाओं का सम्मान
शिक्षा से ही समाज का विकास संभव है। कई पिछड़ी जातियां इसका उदाहरण है, जो शिक्षा के बल पर आज महत्वपूर्ण पदों पर आसीन है। यह बात रविवार को किसान भवन में आयोजित लक्षकार समाज समिति के रजत जयंती अवसर पर जिला परिषद के अरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैलाशचंद्र लखारा ने बतौर मुख्य वक्ता कही।

शिक्षा से ही समाज का विकास संभव है। कई पिछड़ी जातियां इसका उदाहरण है, जो शिक्षा के बल पर आज महत्वपूर्ण पदों पर आसीन है। यह बात रविवार को किसान भवन में आयोजित लक्षकार समाज समिति के रजत जयंती अवसर पर जिला परिषद के अरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैलाशचंद्र लखारा ने बतौर मुख्य वक्ता कही।
उन्होंने कहा कि उदयपुर में शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आने वाली समाज की प्रतिभाओं को सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। समारोह की अध्यक्षता शंकरलाल लक्षकार ने की।
मुख्य अतिथि हिम्मतराम लखारा व विशिष्ट अतिथि हीरालाल लक्षकार थे। दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए समारोह में ७५ वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठजनों को शॉल व मेवाड़ी पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
बोर्ड व उच्च शिक्षा में सर्वाधिक अंकों से उत्तीर्ण प्रतिभाओं को स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। साथ ही समिति को सेवाए देने वाले पुराने और नए पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। सदस्यों को कंबलें प्रदान की गई।
समारोह में नंदलाल गोगुंदा, भंवरलाल बेदला व लीलाधर सवीना ने भी विचार व्यक्त किए। समारोह में समाज के भवन का निर्माण शुरू करवाने, सामूहिक विवाह आयोजन पर भी चर्चा हुई।
