हरियाणा में HORC का पाटली-मानेसर-MSIL रेल लिंक संचालित, 67 प्रतिशत निर्माण पूरा
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। परियोजना के तहत पाटली-मानेसर-एमएसआईएल रेल लिंक संचालित हो चुका है। इसके अलावा ट्विन टनल (दोहरी सुरंग) की खुदाई का 67 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है तथा विभिन्न खंडों पर प्रमुख सिविल निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचआरआईडीसी) के निदेशक मंडल की बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गति बनाए रखने के निर्देश दिए ताकि परियोजना निर्धारित समय-सीमा में की जा सके।
बैठक में बताया गया कि 6.92 किलोमीटर लंबी पाटली-मानेसर-एमएसआईएल रेल लाइन, जिसे जून 2025 में चालू किया गया था, परियोजना का पहला परिचालन खंड है। इस रेल लिंक पर 31 मार्च, 2026 तक 745 रेल रैक संचालित किए जा चुके हैं, जबकि चालू वित्त वर्ष में 31 जुलाई, 2026 तक 560 अतिरिक्त रैक का संचालन हुआ है, जो इसकी बढ़ती उपयोगिता को दर्शाता है।
बैठक में अवगत कराया गया कि 126 किलोमीटर लंबी ब्रॉड गेज डबल लाइन रेल परियोजना के शेष हिस्सों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
एचआरआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री सुखविंदर सिंह ने बताया कि 2×4.7 किलोमीटर लंबी ट्विन टनल की खुदाई 10 स्थानों (फेस) से की जा रही है। अब तक 4,800 मीटर खुदाई पूरी हो चुकी है, जो कुल कार्य का 67 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त वेंटिलेशन शाफ्ट, यूटिलिटी शाफ्ट, एनएटीएम (न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड) से बनने वाली सुरंग तथा कट-एंड-कवर सुरंगों का निर्माण भी तेजी से प्रगति पर है।
निदेशक मंडल ने पाटली-न्यू पाटली-सुल्तानपुर तथा न्यू पाटली-मानेसर खंडों सहित अन्य सिविल कार्यों की भी समीक्षा की। इन खंडों में मिट्टी भराई, पुलों, रिटेनिंग वॉल तथा रेलवे स्टेशन भवनों का निर्माण विभिन्न चरणों में जारी है। बैठक में प्रमुख सिविल पैकेजों की प्रगति का भी आकलन किया गया।
भूमि अधिग्रहण के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि कुल 2,287.55 करोड़ रुपये के मुआवजे में से अब तक 2,038.37 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जो कुल राशि का 89.1 प्रतिशत है। मूल अवार्डों के अंतर्गत 95 प्रतिशत से अधिक मुआवजा वितरित किया जा चुका है तथा कई जिलों में भुगतान लगभग पूर्ण हो चुका है।
बैठक में परियोजना की 11,709 करोड़ रुपये की संशोधित लागत का भी उल्लेख किया गया, जिसे एचओआरसीएल बोर्ड पहले ही स्वीकृति प्रदान कर चुका है। परियोजना के लिए वन स्वीकृति (स्टेज-1) तथा अरावली क्षेत्र की आवश्यक अनुमति भी प्राप्त हो चुकी है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर राज्य की एक परिवर्तनकारी अवसंरचना परियोजना है। इससे रेल संपर्क मजबूत होगा, लॉजिस्टिक्स बेहतर होगा, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी तथा क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने 17 जुलाई को कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेल ट्रैक के सफल संचालन के लिए एचआरआईडीसी की सराहना करते हुए कहा कि इससे शहर में पांच व्यस्त रेलवे लेवल क्रॉसिंग समाप्त होने के कारण यातायात जाम की समस्या में उल्लेखनीय राहत मिली है।
