रेलमगरा में मकान विवाद बना सामाजिक बहिष्कार का कारण
पुश्तैनी संपत्ति को लेकर मारपीट और बेदखली के आरोप, न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार पहुंचा एसपी कार्यालय
राजसमंद 27 दिसंबर 2025 - रेलमगरा रेलमगरा कस्बे के रेगर मोहल्ले में पुश्तैनी मकान को लेकर चल रहे विवाद ने अब सामाजिक बहिष्कार का रूप ले लिया है।
पीड़ित उदयलाल पुत्र जस्साजी रेगर ने आरोप लगाया है कि उनके सगे भाई वेणीराम व समाज के कुछ पंचों ने उनकी अनपढ़ता का फायदा उठाकर मकान के बंटवारे में धोखाधड़ी की और बाद में उन्हें जबरन बेदखल करने का प्रयास किया। पीड़ित के अनुसार उनके पिता के तीन पुत्र थे, जिनमें से एक नानालाल गोद चले जाने के बाद मकान पर उनका ही कब्जा रहा। समाज के पंचों की मौजूदगी में किए गए बंटवारे में उनके हिस्से के कमरे को गलत तरीके से लिखापढ़ी में शामिल नहीं किया गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ व उनके परिवार के साथ मारपीट की गई।
आरोप है कि अभियुक्तों द्वारा एक लाख रुपये का सामाजिक दंड लगाकर पीड़ित को गांव से बाहर कर दिया गया और समाज में हुक्का-पानी बंद कर दिया गया। 2 जुलाई 2025 को आरोपियों ने जबरन मकान का ताला तोड़कर सामान बाहर फेंक दिया।
विरोध करने पर पीड़ित की पत्नी सायरी देवी को हार्ट अटैक आ गया। पीड़ित ने पहले रेलमगरा थाने में रिपोर्ट देने का प्रयास किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय के माध्यम से बीएनएसएस की धारा 175(3) के तहत मामला पुलिस थाना रेलमगरा को भेजा गया। अब पीड़ित परिवार पुलिस अधीक्षक राजसमंद के पास पहुंचकर न्याय की गुहार लगा रहा है।
