घर में अर्थिंग करवाना कितना जरूरी ! जानिए कितना आता है इसमें खर्च और क्या हैं इसके बड़े फायदे ?
Udaipur Times, Earthing Installed at Home: बिजली के झटके से होने वाली दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण खराब या अधूरी अर्थिंग (Earthing) होती है। यही वजह है कि बिजली विशेषज्ञ घर में मजबूत अर्थिंग सिस्टम लगाने और समय-समय पर उसकी जांच कराने की सलाह देते हैं। सही अर्थिंग न सिर्फ आपको और आपके परिवार को बिजली के झटके से बचाती है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी सुरक्षित रखती है। ऐसे में हर घर में यह जानना जरूरी है कि अर्थिंग क्या होती है, इसकी जांच कैसे करें और इसे बनवाने में कितना खर्च आता है।
क्या होती है Earthing?
अर्थिंग एक ऐसी सुरक्षा व्यवस्था है, जिसमें बिजली का अतिरिक्त या लीकेज करंट कम प्रतिरोध (Low Resistance) वाले तार के जरिए सीधे जमीन में भेज दिया जाता है। इससे करंट किसी व्यक्ति या उपकरण तक पहुंचने के बजाय सुरक्षित तरीके से धरती में चला जाता है। आसान भाषा में कहें तो अर्थिंग घर की पूरी बिजली व्यवस्था के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करती है।
घर में अर्थिंग क्यों जरूरी है?
बिजली के झटकों से सुरक्षा मिलती है।
शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा कम होता है।
टीवी, फ्रिज, एसी, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सुरक्षित रहते हैं।
बिजली के वोल्टेज में उतार-चढ़ाव का असर कम होता है।
बारिश, बाढ़ और आकाशीय बिजली (Lightning) के दौरान सुरक्षा बढ़ती है।
घर की वायरिंग और बिजली व्यवस्था लंबे समय तक बेहतर बनी रहती है।
टेलीकॉम और इंटरनेट उपकरणों के सिग्नल भी अधिक स्थिर रहते हैं।
कैसे पता करें कि अर्थिंग सही है या नहीं?
1. बल्ब टेस्ट
एक बल्ब या टेस्ट लैंप को पहले फेज और न्यूट्रल में लगाकर जांचें। इसके बाद न्यूट्रल की जगह अर्थिंग पिन से जोड़ें। यदि बल्ब सामान्य रूप से जलता है तो अर्थिंग ठीक हो सकती है। अगर बल्ब नहीं जलता या बहुत हल्का जलता है, तो अर्थिंग में समस्या हो सकती है।
2. मल्टीमीटर से जांच
मल्टीमीटर की मदद से वोल्टेज और रेजिस्टेंस मापा जाता है। यदि रीडिंग सामान्य सीमा से अधिक आती है, तो यह अर्थिंग में खराबी या ओवरलोड का संकेत हो सकता है। हालांकि, सही जांच के लिए किसी प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन की मदद लेना बेहतर माना जाता है।
अर्थिंग की देखभाल कैसे करें?
अच्छी गुणवत्ता वाले अर्थिंग वायर और सामग्री का उपयोग करें।
हर कुछ महीनों में अर्थिंग की जांच कराएं।
समय-समय पर अर्थ पिट (Earth Pit) का निरीक्षण करें।
जरूरत पड़ने पर अर्थ पिट में पानी डालें, ताकि उसकी नमी बनी रहे।
वायरिंग या अर्थिंग में जंग, टूट-फूट या ढीलापन दिखे तो तुरंत मरम्मत कराएं।
घर में अर्थिंग करवाने में कितना आता है खर्च?
अगर आप नया घर बनवा रहे हैं या पुराने घर की वायरिंग बदलवा रहे हैं, तो अच्छी क्वालिटी की अर्थिंग करवाना बेहद जरूरी है। आमतौर पर एक सामान्य घर में अर्थिंग कराने का खर्च 3,000 रुपये से 10,000 रुपये तक आ सकता है। यह लागत घर के आकार, इस्तेमाल होने वाली सामग्री (GI, कॉपर या केमिकल अर्थिंग), मिट्टी की स्थिति और स्थानीय लेबर चार्ज पर निर्भर करती है। वहीं केमिकल अर्थिंग जैसी आधुनिक तकनीक का खर्च 10,000 रुपये से 25,000 रुपये या उससे अधिक भी हो सकता है।
इसकी उम्र ज्यादा होती है और रखरखाव भी कम करना पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सस्ती अर्थिंग के बजाय अच्छी गुणवत्ता वाली अर्थिंग सिस्टम में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद होता है।
कब तुरंत करानी चाहिए जांच?
अगर घर में बार-बार करंट लगता है, स्विच या किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को छूने पर झटका महसूस होता है, MCB बार-बार ट्रिप होती है या बिजली के उपकरण अचानक खराब होने लगते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। ये खराब अर्थिंग के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन से जांच करानी चाहिए।
सुरक्षा के लिए छोटी-सी सावधानी
सही अर्थिंग सिर्फ बिजली का तकनीकी हिस्सा नहीं, बल्कि आपके परिवार की सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है। थोड़ी-सी सावधानी बिजली के झटके, शॉर्ट सर्किट और आग जैसी बड़ी दुर्घटनाओं से बचा सकती है। इसलिए समय-समय पर अर्थिंग की जांच और रखरखाव जरूर कराएं।
