1 AC और 2 पंखे चलाने के लिए कितने KW का सोलर सिस्टम रहेगा एकदम सही ? जाने पूरा गणित
Udaipur Times, Solar System : गर्मी के मौसम में AC चलाना आज कई घरों में जरूरत बन चुका है, लेकिन लंबे समय तक AC और पंखे चलाने पर बिजली का बिल काफी बढ़ सकता है। ऐसे में रूफटॉप सोलर सिस्टम बिजली के खर्च को कम करने का एक विकल्प बन सकता है। हालांकि, सोलर लगवाने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपके घर के लोड के हिसाब से कितने किलोवाट (kW) का सिस्टम सही रहेगा।
अगर आप 1 टन या 2 टन AC के साथ दो पंखे चलाना चाहते हैं, तो सिस्टम की क्षमता केवल AC के टन के आधार पर तय नहीं की जा सकती। AC की बिजली खपत, इस्तेमाल के घंटे, स्टार रेटिंग, घर के अन्य उपकरण और आपके इलाके में मिलने वाली धूप जैसे कई कारक इसमें महत्वपूर्ण होते हैं।
1 टन AC और 2 पंखों के लिए कितना सोलर चाहिए?
एक सामान्य 1 टन AC की बिजली खपत मॉडल, स्टार रेटिंग और इन्वर्टर तकनीक के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। मोटे तौर पर इसकी खपत करीब 900 से 1,300 वॉट के आसपास हो सकती है।
अगर AC के साथ दो पंखे और कुछ छोटे घरेलू उपकरण भी चलाने हैं, तो करीब 1.5 से 2 kW का सोलर सिस्टम एक विकल्प हो सकता है। 400 से 550 वॉट क्षमता वाले पैनल लगाए जाने पर लगभग 4 से 5 पैनल की जरूरत पड़ सकती है।
हालांकि, यह केवल एक अनुमान है। वास्तविक जरूरत आपके कुल बिजली लोड और रोजाना इस्तेमाल पर निर्भर करेगी।
2 टन AC के लिए कितनी क्षमता का सिस्टम?
2 टन AC की बिजली खपत 1 टन AC से काफी ज्यादा होती है। इस्तेमाल और मॉडल के अनुसार इसकी खपत करीब 2,000 से 3,000 वॉट तक हो सकती है।
अगर 2 टन AC के साथ दो पंखे और दूसरे घरेलू उपकरण भी चलाने हैं, तो करीब 3.5 से 5 kW का सोलर सिस्टम जरूरत के हिसाब से लगाया जा सकता है। 400 से 550 वॉट के पैनल इस्तेमाल करने पर लगभग 8 से 12 पैनल लग सकते हैं।
यहां भी अंतिम क्षमता तय करने से पहले घर के कुल लोड और रोजाना बिजली खपत का आकलन कराना बेहतर रहेगा।
सिर्फ दो पंखे चलाने के लिए कितना सोलर चाहिए?
अगर आपको केवल दो पंखे चलाने हैं, तो बहुत बड़े सोलर सिस्टम की जरूरत नहीं होगी। उदाहरण के लिए, अगर एक पंखे की क्षमता करीब 75 वॉट मानी जाए, तो दो पंखों का कुल लोड लगभग 150 वॉट होगा।
अगर दोनों पंखे रोजाना 10 घंटे चलते हैं, तो उनकी अनुमानित खपत करीब 1.5 यूनिट प्रतिदिन होगी। सिर्फ दो पंखों के लिए करीब 300 से 500 वॉट का सिस्टम एक विकल्प हो सकता है।
अगर पंखों के साथ LED बल्ब, टीवी, मोबाइल चार्जर जैसे उपकरण भी चलाने हैं, तो करीब 0.5 से 1 kW का सिस्टम ज्यादा उपयोगी हो सकता है।
सोलर सिस्टम लगाने में कितना खर्च आएगा?
सोलर सिस्टम की कुल कीमत केवल पैनलों पर निर्भर नहीं करती। इसमें कई चीजें शामिल होती हैं, जैसे:
सोलर पैनल
सोलर इन्वर्टर
माउंटिंग स्ट्रक्चर
वायरिंग और अन्य इलेक्ट्रिकल सामान
इंस्टॉलेशन
मीटरिंग से जुड़े खर्च
बैटरी, अगर बैकअप की जरूरत हो
इसलिए 1 kW, 2 kW या 5 kW सिस्टम की कीमत अलग-अलग हो सकती है। इसके अलावा सिस्टम की तकनीक, पैनल की गुणवत्ता और इंस्टॉलेशन की स्थिति के आधार पर भी लागत बदलती है।
PM Surya Ghar Yojana से मिल सकती है सब्सिडी
घरों में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए सरकार की PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है।
इस योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाकर परिवारों को अपनी बिजली जरूरत का एक हिस्सा खुद पैदा करने में सक्षम बनाना और बिजली के खर्च को कम करना है।
हालांकि, सब्सिडी की राशि सिस्टम की क्षमता और योजना के लागू नियमों के अनुसार तय होती है। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर मौजूदा नियम और पात्रता जरूर जांचनी चाहिए।
सिर्फ AC देखकर सोलर की क्षमता तय करना नही है सही
यह समझना जरूरी है कि केवल यह देखकर कि घर में 1 टन या 2 टन का AC है, सोलर सिस्टम की सटीक क्षमता तय नहीं की जा सकती।
इसके लिए इन बातों को ध्यान में रखना चाहिए:
AC की स्टार रेटिंग और वास्तविक बिजली खपत
AC रोज कितने घंटे चलता है
पंखों और दूसरे उपकरणों का इस्तेमाल
आपके क्षेत्र में उपलब्ध धूप
ऑन-ग्रिड या ऑफ-ग्रिड सिस्टम
रात में बिजली की जरूरत
बैटरी बैकअप की आवश्यकता
इसलिए सोलर सिस्टम लगवाने से पहले घर की कुल बिजली खपत का आकलन कराना बेहतर है। सही क्षमता का सिस्टम लगाने से लागत और बिजली बचत, दोनों को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकता है।
पर्याप्त क्षमता वाले सोलर सिस्टम और उपयुक्त इन्वर्टर के जरिए 1 टन AC चलाया जा सकता है। सिस्टम की क्षमता AC के साथ चलने वाले अन्य उपकरणों और इस्तेमाल के समय के हिसाब से तय करनी चाहिए।
ऑन-ग्रिड सिस्टम में रात के समय सोलर पैनलों से सीधे बिजली उत्पादन नहीं होता। रात में AC चलाने के लिए ग्रिड बिजली या बैटरी बैकअप की जरूरत होग
केवल दो पंखों के लिए करीब 300 से 500 वॉट का सिस्टम एक विकल्प हो सकता है। अगर दूसरे उपकरण भी चलाने हैं, तो ज्यादा क्षमता की जरूरत पड़ सकती है।
ऐसे में आप अपनी जरूत के हिसाब से अपनी पसंद का सोलर पैनल लगवाकर रोज रोज के बिजली के बिल के झंझट से काफी बचा जा सकता है।