2 किलोवाट का सोलर पैनल रोजाना कितने यूनिट बिजली बनाता है, आइए जाने इसके कितने फायदे ?
Udaipur Times, RoofTop Solar : गर्मियों के महीने में कई परिवारों का बिजली बिल बहुत अधिक आ जाता है, इसके लिए आज के समय में हर किसी का बिजली बिल भरना मुश्किल हो जाता है। आज हम आपके लिए 2 किलोवाट से जुड़ी जानकारी लेकर आए है। आइए जाने...
एक 2 किलोवाट (2 kW) का सोलर सिस्टम रोजाना औसतन 8 से 10 यूनिट (kWh) बिजली बनाता है। इस हिसाब से यह सिस्टम महीने में लगभग 240 से 300 यूनिट और साल भर में 2,900 से 3,600 यूनिट तक बिजली का उत्पादन कर सकता है। हालांकि, बिजली का यह उत्पादन मौसम और धूप की स्थिति के अनुसार थोड़ा बदल सकता है:
गर्मियों में (तेज धूप के दिनों में): उत्पादन रोजाना 10 यूनिट या उससे अधिक तक भी जा सकता है।
सर्दियों या बारिश के मौसम में: बादल या कम धूप होने पर उत्पादन गिरकर 6 से 8 यूनिट के बीच रह सकता है।
यह उत्पादन ऑन-ग्रिड और ऑफ-ग्रिड दोनों तरह के सेटअप पर लगभग समान रहता है, बशर्ते पैनलों को सही दिशा (दक्षिण की ओर) में और सही एंगल पर लगाया गया हो।
2 किलोवाट (2 kW/2 kVA) सोलर सिस्टम पर घर के लगभग सभी सामान्य उपकरण जैसे पंखे, लाइट/एलईडी बल्ब, टीवी, फ्रिज, और एयर कूलर एक साथ आसानी से चलाए जा सकते हैं।
कैसे खत्म हो सकता है बिजली बिल?
रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाकर घर की बिजली जरूरतों को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है। इसके लिए सबसे अहम भूमिका निभाती है नेट मीटरिंग (Net Metering)। नेट मीटरिंग में दिन के समय सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को बिजली कंपनी (DISCOM) के ग्रिड में भेज दिया जाता है। रात में या जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता उसी ग्रिड से बिजली ले सकता है।
महीने के अंत में केवल नेट खपत (कुल खपत - ग्रिड में भेजी गई बिजली) का बिल बनता है। अगर आपने ज्यादा बिजली ग्रिड को दी है, तो उसका क्रेडिट अगले महीने के लिए जोड़ दिया जाता है।
क्या-क्या चलाया जा सकता है?
2 किलोवाट (2kW) सोलर पैनल सिस्टम एक सामान्य मध्यम आकार के घर के लिए आदर्श है। यह रोजाना लगभग 8 से 10 यूनिट (kWh) बिजली बनाता है। इससे आप एक साथ पंखे, लाइट, टीवी, फ्रिज, कूलर, और 1 टन का एयर कंडीशनर (AC) या पानी की मोटर (सबमर्सिबल पंप) आसानी से चला सकते हैं।
2 किलोवाट (2 kW) सोलर सिस्टम के लिए प्लेटों की संख्या इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितने वॉट (Watt) का सोलर पैनल चुनते हैं। कुल 2000 वॉट पूरा करने के लिए नीचे दिए गए विकल्प उपलब्ध हैं :
400 वॉट के पैनल: 5 प्लेट (5 x 400 = 2000 वॉट)
500 वॉट के पैनल: 4 प्लेट (4 x 500 = 2000 वॉट)
यह सिस्टम एक सामान्य घर के लिए पर्याप्त है, जिससे पंखे, लाइट, फ्रिज और 1.5 टन का एसी आसानी से चलाया जा सकता है।
2 किलोवाट (2 kW) का सोलर सिस्टम 3 से 4 सदस्यों वाले मध्यम आकार के परिवारों के लिए सबसे उपयुक्त है।यह प्रतिदिन औसतन 8 से 10 यूनिट बिजली बनाता है। इससे आपके घर के पंखे, टीवी, फ्रिज, कूलर और 1 टन का एसी आसानी से चल सकते हैं।इसकी कुल कीमत ₹1.20 लाख से ₹1.90 लाख के बीच होती है।
2 किलोवाट सोलर सिस्टम के प्रकार
आप अपनी जरूरत के अनुसार तीन तरह के 2 किलोवाट सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं:
ऑन-ग्रिड (On-Grid) सोलर सिस्टम:
फायदा: इसमें बैटरी नहीं होती।यह सिस्टम दिन में बिजली बनाता है और अतिरिक्त बिजली को ग्रिड (बिजली बोर्ड) को भेज देता है, जिससे बिजली का बिल काफी कम हो जाता है।
कीमत: लगभग ₹1.20 लाख से ₹1.50 लाख (सब्सिडी के बाद)।
ऑफ-ग्रिड (Off-Grid) सोलर सिस्टम:
फायदा: इसमें बैटरी होती है, इसलिए बिजली कटने पर भी यह पावर बैकअप देता है।
कीमत: लगभग ₹1.60 लाख से ₹1.90 लाख (बैटरी की क्षमता के अनुसार)।
हाइब्रिड (Hybrid) सोलर सिस्टम:
फायदा: यह ऑन-ग्रिड और ऑफ-ग्रिड दोनों की तरह काम करता है (बैटरी बैकअप भी देता है और बिल भी कम करता है)।
कीमत: ₹1.90 लाख से ₹2.50 लाख तक।
सब्सिडी और सरकारी योजना
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Yojana): 2 किलोवाट के सोलर सिस्टम के लिए सरकार की ओर से लगभग ₹60,000 की फिक्स्ड सब्सिडी दी जाती है।
आवेदन कैसे करें: इसके लिए आप पीएम सूर्य घर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
क्या-क्या चल सकता है?
इस सिस्टम से आप एक साथ निम्नलिखित उपकरण चला सकते हैं:
4 सीलिंग फैन
4 से 5 एलईडी लाइटें
1 टेलीविजन (LED TV)
1 रेफ्रिजरेटर (Fridgem)
1 एयर कंडीशनर (1.5 टन तक इन्वर्टर एसी, लेकिन अन्य उपकरणों का उपयोग सीमित करना होगा)
नोट: 2 kW सोलर सिस्टम लगाने के लिए आपके घर की छत पर कम से कम 200 वर्ग फीट (Sq. Ft.) की खुली जगह होनी चाहिए।
2 किलोवाट के बिजली कनेक्शन से आमतौर पर केवल एक छोटा या 1-1.5 टन का एसी हीटर ही सुरक्षित रूप से चलाया जा सकता है। इससे अधिक चलाने पर सर्किट ट्रिप हो सकता है।
भारत में 2 किलोवाट (kW) का सोलर पैनल लगवाने का कुल खर्च ₹1.20 लाख से ₹1.60 लाख के बीच आता है। हालांकि, 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत मिलने वाली सरकारी सब्सिडी (₹60,000 तक) के बाद, इसका प्रभावी खर्च घटकर ₹60,000 से ₹1,00,000 के करीब रह जाता है।
दो एयर कंडीशनर (AC) चलाने के लिए आमतौर पर 5 kW से 6 kW के सोलर सिस्टम की आवश्यकता होती है। इसमें लगभग 10 से 12 सोलर पैनल (540-550 वॉट क्षमता वाले) लगेंगे。
सही संख्या इस बात पर निर्भर करती है कि आपके AC कितने टन के हैं और वे दिन-रात में कितने घंटे चलते हैं:
1. AC का प्रकार और आवश्यक सोलर क्षमता
1.5 टन के दो AC: इन्हें चलाने के लिए 5 kW का सोलर सिस्टम उपयुक्त है। इसके लिए लगभग 9 से 10 सोलर पैनल (550W) पर्याप्त होंगे。
2 टन के दो AC: बड़े AC के लिए 6 से 7 kW का सेटअप बेहतर रहेगा, जिसमें 11 से 13 सोलर पैनल (550W) की आवश्यकता होगी。
2. सोलर सिस्टम के विकल्प
ऑफ-ग्रिड सिस्टम (Off-Grid): इसमें बैटरी होती है, जो धूप न होने या रात के समय AC चलाने के लिए बैकअप देती है。
ऑन-ग्रिड सिस्टम (On-Grid): यह बैटरी-रहित होता है और आपके बिजली के बिल को कम करने के लिए दिन के समय पैनल से सीधे AC चलाता है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जाने से बिल में बचत होती है।
