बोरवेल खुदवाने में कितना आता है खर्च ? जाने जमीन के नीचे पानी खोजने से लेकर ड्रिलिंग तक की पूरी जानकारी

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बोरवेल खुदवाने में कितना आता है खर्च ? जाने जमीन के नीचे पानी खोजने से लेकर ड्रिलिंग तक की पूरी जानकारी 

Udaipur Times, How get a borewell drilled : आज के समय में खेती, घर या उद्योग के लिए पानी की जरूरत पूरी करने के लिए बड़ी संख्या में लोग बोरवेल का सहारा लेते हैं। लेकिन कई बार लोग बिना सही जानकारी के बोरवेल खुदवा लेते हैं, जिसके बाद लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद पानी नहीं निकलता। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि जमीन के नीचे पानी कैसे खोजा जाता है, बोरवेल की ड्रिलिंग कैसे होती है और इसमें कितना खर्च आता है।

जमीन के नीचे पानी कैसे खोजा जाता है?

पहले के समय में लोग पारंपरिक तरीकों से पानी का अनुमान लगाते थे, लेकिन अब आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। विशेषज्ञ जियोफिजिकल सर्वे (Geophysical Survey) के जरिए जमीन की परतों का अध्ययन करते हैं। इसमें इलेक्ट्रिकल रेसिस्टिविटी (Electrical Resistivity) जैसी तकनीक का उपयोग कर यह पता लगाया जाता है कि किस गहराई पर पानी मिलने की संभावना अधिक है।

हालांकि, किसी भी तकनीक से 100% यह दावा नहीं किया जा सकता कि वहां निश्चित रूप से पानी मिलेगा।

बोरवेल कैसे किया जाता है?

पानी मिलने की संभावना तय होने के बाद विशेष ड्रिलिंग मशीन से जमीन में छेद किया जाता है। इलाके की भूगर्भीय संरचना के अनुसार बोरवेल की गहराई अलग-अलग हो सकती है। कई जगह 100–200 फीट पर पानी मिल जाता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में 800 से 1,000 फीट या उससे अधिक गहराई तक ड्रिलिंग करनी पड़ती है।

ड्रिलिंग के बाद पाइप (केसिंग पाइप) डाला जाता है ताकि मिट्टी या पत्थर अंदर न गिरे। इसके बाद सबमर्सिबल पंप लगाकर पानी निकाला जाता है।

बोरवेल खुदवाने में कितना खर्च आता है?

बोरवेल की लागत कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे-

ड्रिलिंग की गहराई

जमीन की चट्टानी या सामान्य संरचना

पाइप की गुणवत्ता

पंप और मोटर की क्षमता

स्थानीय मजदूरी और मशीन का किराया

आमतौर पर बोरवेल की ड्रिलिंग का खर्च प्रति फीट के हिसाब से लिया जाता है। यदि गहराई अधिक हो तो कुल लागत भी काफी बढ़ जाती है। ड्रिलिंग, पाइप, पंप और इंस्टॉलेशन सहित कई मामलों में कुल खर्च दस हजार रुपये से लेकर 2–3 लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकता है।

बोरवेल कराने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

पहले किसी विशेषज्ञ से भूजल सर्वे जरूर कराएं।

स्थानीय प्रशासन के नियमों और अनुमति की जानकारी लें।

भरोसेमंद ड्रिलिंग एजेंसी का चयन करें।

जरूरत के अनुसार सही क्षमता का पंप लगवाएं।

भूजल का अनावश्यक दोहन न करें और वर्षा जल संचयन को भी अपनाएं।

क्यों जरूरी है सही योजना?

बोरवेल एक बड़ा निवेश होता है। यदि बिना सर्वे या योजना के ड्रिलिंग कराई जाए तो पानी न मिलने की स्थिति में पूरा खर्च बेकार जा सकता है। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह लेकर और सही तकनीक का उपयोग करके ही बोरवेल खुदवाना बेहतर माना जाता है।

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