ISRO-DRDO में कैसे मिलती है नौकरी? एक्सपर्ट ने बताया रास्ता, मिलेगी लाखों की सैलरी
Udaipur Times, Job at ISRO or DRDO : अगर आपका सपना ISRO, DRDO, BARC या CSIR जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में वैज्ञानिक (Scientist) या रिसर्चर बनने का है, तो इसकी तैयारी 12वीं के बाद ही शुरू करनी होगी। चाहे आप साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स स्ट्रीम से हों, रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाने के कई रास्ते मौजूद हैं। सही कोर्स, प्रवेश परीक्षा और उच्च शिक्षा के जरिए आप इस क्षेत्र में शानदार भविष्य बना सकते हैं।
12वीं के बाद क्या करें?
रिसर्च में करियर बनाने के लिए सबसे पहले किसी प्रतिष्ठित संस्थान में ग्रेजुएशन या इंटीग्रेटेड डिग्री कोर्स में प्रवेश लेना होता है। इसके लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं।
IISER Aptitude Test (IAT) के जरिए IISER के 5 वर्षीय BS-MS ड्यूल डिग्री और 4 वर्षीय BS प्रोग्राम में प्रवेश मिलता है।
JEE Advanced के जरिए IISc बेंगलुरु के BS प्रोग्राम और कुछ रिसर्च आधारित संस्थानों में दाखिला मिलता है।
NEST के माध्यम से NISER भुवनेश्वर और UM-DAE CEBS जैसे संस्थानों में प्रवेश लिया जा सकता है।
CUET UG के जरिए कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विज्ञान और रिसर्च आधारित कोर्स में एडमिशन मिलता है।
ISRO और DRDO में नौकरी कैसे मिलती है?
सिर्फ ग्रेजुएशन करने से वैज्ञानिक नहीं बना जा सकता। बैचलर डिग्री के बाद मास्टर्स और फिर पीएचडी करना बेहतर माना जाता है। इसके लिए CSIR-NET, GATE और JAM जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं महत्वपूर्ण होती हैं।
पीएचडी या आवश्यक योग्यता पूरी करने के बाद उम्मीदवार ISRO, DRDO, BARC और CSIR लैब्स में वैज्ञानिक और रिसर्चर के पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
ISRO में भर्ती ICRB (Centralised Recruitment Board) की लिखित परीक्षा और चयन प्रक्रिया के जरिए होती है।
DRDO में वैज्ञानिकों की भर्ती RAC (Recruitment and Assessment Centre) के माध्यम से होती है, जहां GATE स्कोर और इंटरव्यू के आधार पर चयन किया जाता है।
कितनी मिलती है सैलरी?
रिसर्च क्षेत्र में योग्यता और संस्थान के अनुसार आकर्षक वेतन मिलता है।
ISRO, DRDO, BARC और CSIR लैब्स में वैज्ञानिकों को लगभग 8 लाख रुपये सालाना से लेकर 1.20 लाख रुपये प्रति माह तक वेतन मिल सकता है।
IIT, NIT और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर का वेतन करीब 90 हजार से 1.30 लाख रुपये प्रति माह तक हो सकता है।
प्राइवेट सेक्टर में फार्मा, बायोटेक, AI, डेटा साइंस और रिसर्च लैब्स में 8 से 18 लाख रुपये सालाना तक का पैकेज मिल सकता है।
रिसर्च में सफलता के लिए विशेषज्ञ की 5 सलाह
करियर एक्सपर्ट और DreamXec के संस्थापक आशीष त्रिवेदी के अनुसार, रिसर्च की शुरुआत किसी बड़े आइडिया से नहीं, बल्कि किसी वास्तविक समस्या से होती है। उन्होंने छात्रों को ये पांच अहम सुझाव दिए हैं-
किसी बड़े विषय की बजाय एक स्पष्ट और स्थानीय समस्या से शुरुआत करें।
फैकल्टी या मेंटर से मदद मांगते समय स्पष्ट योजना के साथ संपर्क करें।
शुरुआत छोटे और कम लागत वाले प्रोजेक्ट से करें, बाद में फंडिंग की तलाश करें।
बहुत अधिक सामग्री पढ़ने के बजाय कुछ अच्छे रिसर्च पेपर गहराई से समझें।
असफल प्रयोगों से घबराएं नहीं, क्योंकि वही भविष्य की रिसर्च और सीख का आधार बनते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि रिसर्च केवल टॉपर्स के लिए नहीं है। सही मार्गदर्शन, लगातार मेहनत और जिज्ञासा के दम पर कोई भी छात्र इस क्षेत्र में सफल करियर बना सकता है।
