हरियाणा में 3.5 करोड़ की HSVP की प्रॉपर्टी 6.71 लाख में ट्रांसफर, IAS समेत 9 पर FIR
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में गुरुग्राम के सेक्टर-23 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के 500 वर्ग गज के प्लॉट में हुए फर्जीवाड़े में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 1995 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी डी. सुरेश कुमार व तत्कालीन संपदा अधिकारी मुकेश कुमार समेत नौ लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।
एसीबी के अनुसार, 2019 में जिस प्लॉट की बाजार कीमत लगभग 3.5 करोड़ रुपए व कलेक्टर रेट 1.75 करोड़ रुपए था, उसकी कन्वेयंस डीड केवल 6.71 लाख में कर दी गई। उस समय डी. सुरेश HSVP के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर थे। मामला सेक्टर-23 के प्लॉट नंबर 4377 से जुड़ा है, इसे 1988 में इसके खोसला की फर्म को आवंटित किया गया था।
आवंटी द्वारा बकाया राशि जमा न कराने पर HSVP ने 2002 में आवंटन रद्द कर दिया था। इसके बावजूद 2003 में इसकी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी फर्जी तरीके से स्थानांतरित की गई। बाद में अधिकारियों ने इसके खोसला के एक अन्य बहाल प्लॉट (नंबर 4358) के रिकॉर्ड की आड़ लेकर इस रद्द प्लॉट को भी गलत नोट तैयार कर बहाल कर दिया।
क्लर्क हनुमान सिंह, सहायक कृष्ण कुमार और संपदा अधिकारी मुकेश कुमार से फाइल मंजूर होने के बाद 1 मार्च 2019 को डी. सुरेश ने जब्ती निरस्त करने के आदेश दिए थे।
सेवानिवृत्त हो चुके
यह फर्जीवाड़ा एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी की विजिलेंस जांच के दौरान पकड़ा गया था। हरियाणा के मुख्य सचिव से मंजूरी मिलने के बाद एसीबी ने 26 अगस्त 2026 को मामला दर्ज किया। डी. सुरेश 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए आदेश दिया है कि हिरासत की स्थिति में कम से कम सात दिन पहले नोटिस दिया जाए। मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर 2026 को होगी।