नागरिकता व स्वेच्छिकता मानवीय मूल्य

नववर्ष के स्वागत व नागरिक जिम्मेदारी व उत्तरदायित्व को आत्मसात करने की पूरजोर अपील झीलों की नगरी के नागरिको से डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट व चांदपोल नागरिक समिति के गणगोर घाट पर हुए संवाद में की गयी। संवाद में थर्टी फर्स्ट के समारोहों में पटाखे कम चलाने पर संतोष व्यक्त किया गया।

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नववर्ष के स्वागत व नागरिक जिम्मेदारी व उत्तरदायित्व को आत्मसात करने की पूरजोर अपील झीलों की नगरी के नागरिको से डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट व चांदपोल नागरिक समिति के गणगोर घाट पर हुए संवाद में की गयी। संवाद में थर्टी फर्स्ट के समारोहों में पटाखे कम चलाने पर संतोष व्यक्त किया गया।

चांदपोल नागरिक समिति के अध्यक्ष तेज शंकर पालीवाल ने कहा कि झीलों व सड़को पर कचरा फेकना,खाद्य सामग्री का झीलों में निस्तारण करना ,झील के पानी को प्रदूषित करना ,झील किनारे शौच निवृति करना ऐसी व्रती है जिसे अच्छी नागरिकता नहीं कहा जा सकता। इस को रोकना होगा।

गांधी स्मृति मंदिर समिति के अध्यक्ष सुशील दशोरा ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता का जो सन्देश दिया था वह वर्त्तमान में ज्यादा सामयिक एवं जरुरी है।

ट्रस्ट सचिव नन्द किशोर शर्मा ने क़ि नागरिकता व स्वेच्छिकता वे मानवीय मूल्य है जो दुसरो की सेवा को प्रेरित करते है व जिम्मेदारी की भावना को प्रबल करते है। समाज में फेल रही हिंसा, आपाधापी का मूल कारण नागरिक मूल्यों की गिरावट है।

संवाद में रमेश सिंह राजपूत,कुदीपक पालीवाल, बंशीलाल मीणा सहित कई नागरिको ने भाग लिया।

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