हाइड्रोजन ट्रेन बनी गेमचेंजर ! इस शहर की चमकेगी किस्मत, अब प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट को मिलेगा फायदा
Udaipur Times, Hydrogen Train : देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन 'नमो ग्रीन रेल' (Namo Green Rail) के संचालन के साथ ही हरियाणा का सोनीपत विकास की नई राह पर आगे बढ़ गया है। 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जींद रेलवे स्टेशन से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच करीब 89 किलोमीटर के रूट पर चलेगी और स्वच्छ परिवहन की दिशा में भारत की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से केवल परिवहन व्यवस्था ही नहीं सुधरेगी, बल्कि सोनीपत में रियल एस्टेट, निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
पहले से मजबूत है सोनीपत की कनेक्टिविटी
सोनीपत पहले ही दिल्ली-एनसीआर का उभरता हुआ लॉजिस्टिक्स और रेजिडेंशियल हब बन चुका है। इसकी मजबूत कनेक्टिविटी के पीछे कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से बेहतर सड़क संपर्क, दिल्ली से सीधी सड़क कनेक्टिविटी, प्रस्तावित दिल्ली-पानीपत RRTS कॉरिडोर और अब देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट हैं। इन परियोजनाओं के जुड़ने से सोनीपत की कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।
रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा फायदा
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर परिवहन सुविधा किसी भी शहर में निवेश और आवासीय मांग बढ़ाने का सबसे बड़ा आधार होती है। हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से सोनीपत में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने के साथ-साथ घरों और जमीन की कीमतों में भी तेजी आने की संभावना है।
रोजगार और कारोबार को मिलेगी रफ्तार
जींद-सोनीपत रेल कॉरिडोर पर आधुनिक ट्रेन सेवा शुरू होने से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही उद्योग, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के विस्तार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
पर्यावरण के लिए भी बड़ा कदम
हाइड्रोजन ट्रेन को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन का भविष्य माना जा रहा है। इससे प्रदूषण कम करने के साथ-साथ भारत की ग्रीन ट्रांसपोर्ट नीति को भी मजबूती मिलेगी।
भविष्य में निवेश का बड़ा केंद्र बन सकता है सोनीपत
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित RRTS कॉरिडोर और अन्य औद्योगिक परियोजनाएं भी समय पर पूरी होती हैं, तो सोनीपत आने वाले वर्षों में उत्तर भारत का प्रमुख रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और निवेश केंद्र बन सकता है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
