11वीं क्लास में खो दी थी सुनने की क्षमता ! 4 महीने की तैयारी में क्रैक किया UPSC, 23 की उम्र में बनी IAS अधिकारी

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11वीं क्लास में खो दी थी सुनने की क्षमता ! 4 महीने की तैयारी में क्रैक किया UPSC, 23 की उम्र में बनी IAS अधिकारी

Udaipur Times, IAS Saumya Sharma : यह कहानी है सौम्या शर्मा की, जिन्होंने मात्र चार महीने की तैयारी के दम पर UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2017 में 9वीं रैंक हासिल की। ​​23 साल की उम्र में उन्होंने परीक्षा उत्तीर्ण की और IAS पद प्राप्त किया। 

वह दिल्ली की रहने वाली हैं। सौम्या शर्मा जब 11वीं कक्षा में थीं, तब उनकी सुनने की क्षमता कम होने लगी, जिसके चलते उन्हें श्रवण यंत्रों का सहारा लेना पड़ा।

11वीं क्लास में खो दी थी सुनने की क्षमता !

16 साल की उम्र में उनकी सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगी

सौम्या शर्मा को अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, जब 16 साल की उम्र में उनकी सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगी। इस कठिन दौर के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उनके माता-पिता दोनों ही डॉक्टर हैं और उन्होंने दिल्ली से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। उन्होंने दिल्ली के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की। 

इसके अतिरिक्त, उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में श्रवणबाधित छात्रों के लिए आरक्षण की पैरवी की, जिससे समाज के अन्य वंचित वर्गों के प्रति उनकी चिंता स्पष्ट हुई। 

11वीं क्लास में खो दी थी सुनने की क्षमता !

उस समय, कोटा केवल अस्थिभंग और दृष्टिबाधित लोगों के लिए था। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी ने उनके पत्र का संज्ञान लेते हुए बिना किसी कानूनी कार्यवाही के आरक्षण का विस्तार किया। 

महज चार महीने की तैयारी में UPSC परीक्षा पास की

कानून की डिग्री पूरी करने के बाद सौम्या ने UPSC की तैयारी शुरू कर दी। परीक्षा में सिर्फ चार महीने बचे थे, और वह बिना किसी कोचिंग के, प्रतिदिन लगभग छह घंटे पढ़ाई करती थीं। 

सौम्या ने मीडिया के साथ अपना अध्ययन कार्यक्रम साझा करते हुए बताया कि वह प्रतिदिन 5-6 घंटे पढ़ाई करती थीं और समसामयिक विषयों पर विशेष ध्यान देती थीं।

उन्होंने पहली ही कोशिश में UPSC की शुरुआती परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। मुख्य परीक्षा के दौरान उन्हें तेज बुखार हो गया, लेकिन फिर भी उन्होंने परीक्षा दी और उत्तीर्ण हुईं। गौरतलब है कि उन्होंने दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) श्रेणी में आरक्षण नहीं लिया, बल्कि सामान्य श्रेणी में परीक्षा दी।

11वीं क्लास में खो दी थी सुनने की क्षमता !

उन्होंने उम्मीदवारों को सीएसएटी परीक्षा को हल्के में न लेने और सीएसएटी प्रश्न पत्रों का अभ्यास करने की सलाह दी। वह प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ती हैं और उन्होंने कानून को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में चुना, जिसका अध्ययन उन्होंने स्नातक स्तर पर भी किया था। वह महाराष्ट्र कैडर की 2018 बैच की IAS अधिकारी हैं।

अपने पहले ही प्रयास में UPSC में अखिल भारतीय रैंक 9 हासिल की

सौम्या शर्मा ने 23 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 9 हासिल की। ​​यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि थी, खासकर इसलिए क्योंकि उन्होंने आरक्षण का उपयोग किए बिना शारीरिक चुनौतियों पर काबू पाया। 

सौम्या शर्मा का विवाह आईपीएस अधिकारी अर्चित चंदक से हुआ है, जो वर्तमान में नागपुर में पुलिस उपायुक्त (DCP) के पद पर कार्यरत हैं। सौम्या शर्मा की ही तरह अर्चित भी महाराष्ट्र कैडर से हैं और उन्होंने IIT दिल्ली से बी.टेक की डिग्री प्राप्त की है।

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