उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के सुधार के लिए विचार मन्थन ज्ञान चौपाल में
राजस्थान सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के सहयोग से यहां प्रबन्ध अध्ययन संकाय में शनिवार को आयोजित एक दिवसीय ज्ञान चौपाल कार्यक्रम में संभाग भर के विश्

राजस्थान सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के सहयोग से यहां प्रबन्ध अध्ययन संकाय में शनिवार को आयोजित एक दिवसीय ज्ञान चौपाल कार्यक्रम में संभाग भर के विश्वविद्यालयों व कालेजों के प्राचार्यों तथा प्रतिनिधियों ने शिक्षा में गुणवत्ता बढानेए तकनीकी कौशल विकसित करने तथा पाठ्यक्रमों को रोजगारपरक बनाने पर दिन भर विचार मन्थन किया। विभाग की ओर से कोटा संभाग के बाद उदयपुर संभाग में इस ज्ञान चौपाल का आयोजन किया गया। उद्घाटन समारोह में उच्च शिक्षा आयुक्त श्रवण साहनी ने उच्च शिक्षा में बडे बदलावों की पैरवी की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि तकनीकी कौशल का प्रयोग करके शिक्षा के स्तर और विद्यार्थियों के कौशल को बेहतर बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी कालेजों में ओनलाइन प्रवेश प्रणाली हो ऐसा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सभी शिक्षकों से कहा कि शोध गंगा जैसी साइट से हम शोध के स्तर को बेहतर बना सकते है साथ ही उन्होंने नेशनल नोलेज नेटवर्क का भी इस्तेमाल करने का आग्रह किया। साहनी ने एक्शन प्लान फार यूनिवर्सिटीज भी पेश किया।
संभागीय आयुक्त भवानी सिंह देथा ने उच्च शिक्षा में सुधार के लिए सुझाव प्रस्तुत किए वहीं राजीव गांधी जनजाति विवि के कुलपति डा टीसी डामोर ने जनजाति के विद्यार्थियों को और अधिक सुविधाएं और सहुलियते देने की बात कही। सुखाडिया विश्विद्यालय के कुलपति प्रो आईवी त्रिवेदी ने सभी का स्वागत किया तथा विभाग के इस प्रयास में विश्वविद्यालय की ओर से पूरा सहयोग देना का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के समन्वयक प्रो करुणेश सक्सेना के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न पावर प्वाइंट प्रजेन्टेशन हुए। इसमें तकनीकी शिक्षा निदेशक एसके सिंह तकनीकी शिक्षा के मौजूदा हालातों की चर्चा करते हुए 2030 के लिए विस्तृत योजना प्रस्तुत की। तकनीकी सलाहकार प्रवीण गुप्ता ने यह प्रजन्टेशन विस्तार से समझाया।
सुखाडिया विश्वविद्यालय की ओर से रजिस्ट्रार आरपी शर्मा तथा प्रो करुणेश सक्सेना ने विश्वविद्यालय के संसाधन और उपलब्िधयों की जानकारी दी। पेसिफिक यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेन्ट प्रो बीपी शर्मा, सीटीएई के डीन डा बी नन्दवाना, मेवाड यूनिवर्सिटी की ओर से सामेर खान, यूसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष रमेश चौधरी, मीरा कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य, विद्या भवन पोलिटेक्निक कालेज के डा अनिल मेहता, राजकीय पोलिटेक्निक कोलेज राजसमन्द के प्राचार्य डा एस के गंगवार, द स्कोलर्स एरिना बीएड कोलज के डा लोकेश जैन, जेआर शर्मा कोलेज झाडोल के डा एसपी सिंह ने स्किल डवलपेमेन्टए संसाधनों से सम्बन्धित समस्याओं, फेकल्टी की उपलब्धताए रोजगार परक शिक्षा की जरुरत, शोध की गुणवत्ता बढाने, विद्यार्थियों की उपस्थिति को अनिवार्य करने सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी ।
इसके बाद दोपहर में दस दस लोगों के समूह बना कर समूह चर्चा की गई। इस दिन भर की ज्ञान चौपाल की रिपोर्ट और अनुशंससाएं सरकार को भेजी जाएगी। विभाग की ओर से दिलीप गोयल व अनूप श्रीवास्तव ने समूह चर्चा का समन्वय किया।