आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से अगर करें मना ! घर बैठे फोन से ऐसे दर्ज करवाएं अपनी शिकायत

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आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने से अगर करें मना ! घर बैठे फोन से ऐसे दर्ज करवाएं अपनी शिकायत

Udaipur Times, Ayushman Card Hospital : अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड है और किसी सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज से मना किया जा रहा है, तो आपको परेशान होकर अस्पताल के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। आप इसकी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं या 14555 टोल-फ्री हेल्पलाइन पर कॉल करके अपनी समस्या सरकार तक पहुंचा सकते हैं।

पहले ये सबूत जरूर संभालकर रखें

शिकायत करने से पहले अस्पताल से इलाज न देने या कार्ड स्वीकार न करने का कारण लिखित में मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही डॉक्टर या संबंधित स्टाफ का नाम, घटना की तारीख और समय नोट कर लें। अस्पताल की पर्ची, डॉक्टर की सलाह, टेस्ट रिपोर्ट, रिजेक्शन से जुड़ा दस्तावेज और यदि इलाज के लिए पैसे लिए गए हैं तो उसका बिल या रसीद भी संभालकर रखें। अस्पताल का नाम, पता और शाखा की जानकारी भी शिकायत के समय काम आएगी।

ऑनलाइन कैसे दर्ज करें शिकायत?

सबसे पहले आयुष्मान भारत PM-JAY के आधिकारिक grievance portal पर जाएं। Register Your Grievance विकल्प चुनें। योजना के तौर पर PMJAY का चयन करें।

अपना नाम, मोबाइल नंबर, पता और आयुष्मान कार्ड से जुड़ी जानकारी भरें।

शिकायत की कैटेगरी में Hospital चुनें।

अस्पताल का नाम और घटना से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज करें।

Grievance Description में साफ-साफ बताएं कि अस्पताल ने इलाज क्यों नहीं किया और घटना कब हुई।

अस्पताल की पर्ची, रिपोर्ट, बिल या अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध होने पर अपलोड करें।

फॉर्म सबमिट करने के बाद मिलने वाला Grievance/Complaint Number सुरक्षित रख लें।

इसी नंबर की मदद से आगे शिकायत का स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है।

आप फोन से भी कर सकते हैं शिकायत

अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तो आप 14555 पर कॉल कर सकते हैं। कॉल के दौरान अपनी भाषा चुनकर संबंधित अधिकारी से बात करें।

अधिकारी को मरीज का नाम, आयुष्मान कार्ड की जानकारी और उस अस्पताल का नाम बताएं जहां इलाज से मना किया गया। इसके साथ घटना की तारीख, समय, डॉक्टर या स्टाफ का नाम और इलाज से इनकार करने का कारण भी बताएं। अगर अस्पताल ने आपसे कोई पैसा लिया है, तो भुगतान की राशि और बिल/रसीद से जुड़ी जानकारी भी शिकायत में जरूर दें।

शिकायत नंबर जरूर रखें अपने पास

शिकायत दर्ज होने के बाद मिलने वाला शिकायत नंबर सबसे महत्वपूर्ण है। इसे लिखकर या सुरक्षित करके रखें। आगे चलकर इसी नंबर के जरिए शिकायत की स्थिति और उस पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली जा सकती है।

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