जिला पर्यावरण समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
जिला कलक्टर आशुतोष ए.टी.पेडणेकर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जन की भागीदारी तय करने के लिए साझा प्रयासों की महती आवश्यकता है।

जिला कलक्टर आशुतोष ए.टी.पेडणेकर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जन की भागीदारी तय करने के लिए साझा प्रयासों की महती आवश्यकता है।
उन्होंने पर्यावरण के लिए विद्यार्थियों की भागीदारी तय करने शालाओं में फल सब्जी उत्पादन के लिए वन विभाग एवं शिक्षा विभाग को कार्ययोजना तय करने के निर्देश दिये।
वे बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इस कार्य से जोड़ने से उनमें जहां पर्यावरण के प्रति जागरूकता आएगी वहीं फल सब्जी उत्पादन से कृषि भावना को भी प्रोत्साहन मिलेगा। जिला कलक्टर ने वन विभाग के सुझाव पर पर्यावरण संरक्षण उपायों के लिए श्रेष्ठ विद्यालयों का चयन कर पुरस्कृत करने पर भी सहमति जतायी।
श्री पेडणेकर ने शहर में यातायात के बढ़ते दबाव से पर्यावरण प्रदूषण की समस्या पर परिवहन विभाग से कहा कि वे शहर में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने की दिशा में विविध मार्गों पर चलने वाले टेम्पो को अन्य मार्गों पर डायवर्ट करने तथा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती बरतें। उन्होंने कहा कि शहर में सिटी स्टेशन मल्लाहतलाई पर चल रहे 244, सिटी स्टेशन से अम्बेरी मार्ग पर चल रहे 115, सिटी स्टेशन से रिलायंस मील मार्ग पर चल रहे 109 तथा दुधिया गणेश जी से गोवर्धन विलास मार्ग पर चल रहे 366 टेम्पो के दबाव को 50 फीसदी तक कम करें।
उन्होंने शहर में प्रदूषण जांच एजेन्सियों को पाबंद करें कि वे जांच मानक का ध्यान रखकर ही प्रमाण पत्र जारी करें। इसकी परिवहन विभाग द्वारा प्रभावी चेकिंग की जाए।
जिला कलक्टर ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल से कहा कि वे शहर में नो पॉलीथीन के न्यायालय के निर्देशों की शब्दशः पालना के लिए वे सख्त होकर कार्रवाई करें। इसके लिए आवश्यकतानुसार पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी की जायेगी। उन्होंने चिकित्सालयों में बॉयोमेडिकल वेस्ट के समुचित निस्तारण बाबत भी समीक्षा की और कहा कि किसी भी हालत में चिकित्सालय परिसर में कचरा इकट्ठा न हो पाए।
उन्होंने माछलामगरा कच्ची बस्ती के बाशिन्दों को राहत प्रदान करने की दिशा में ठोस निर्णय के तहत यूआईटी अधीक्षण अभियंता संजय शर्मा को निर्देश दिए कि वे वन विभाग को वहां की जमीन के क्षेत्रफल के पेटे अम्बेरी की बिलानाम भूमि को वन विभाग को हस्तातंरित करने के लिए शीघ्र कार्रवाई कर सूचित करें।
बैठक में उप वन संरक्षक ओ.पी.शर्मा ने शहर में आबादी क्षेत्र से लगती पहाडि़यों पर दीवारबन्दी एवं वृक्षारोपण की जरूरत बतायी जिसे जिला कलक्टर ने सराहनीय कदम बताया। उन्होंने यूआईटी द्वारा दी जाने वाली अनुमति में पहाडि़यों की खुदाई को पूर्ण निषिद्ध रखने की जरूरत बतायी।
जिला कलक्टर ने 22 अप्रेल को पृथ्वी दिवस पर पंचायत समिति स्तर पर 7 दिवसीय पृथ्वी संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम रथ भ्रमण संबंधी स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रोत्साहन एवं विद्युत बचाओ के लिए आगामी 4 मई (पूर्णिमा) के दिन स्ट्रीट लाइट्स व स्वेच्छा से घरों की लाइट्स बंद रखने के लिए जनजागरूकता लाने की बात कही।
जिला कलक्टर ने आगामी वर्षाकाल में पौधारोपण के लिए वन विभाग से फलदार व सजावटी पौध तैयार करने की जरूरत बतायी ताकि वे आमजन के लिए उपयोगी हो। बैठक में पन्नाधाय चिकित्सालय की उपाधीक्षक डॉ.पूनम पोसवाल, डीटीओ कानसिंह परिहार, उद्योग केन्द्र महाप्रबंधक विपुल जानी, कृषि उपनिदेशक रमेश जारोली सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
