ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास से जोड कर आत्मनिर्भर बनाने में हिन्दुस्तान जिंक की महत्वपूर्ण भूमिका


ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास से जोड कर आत्मनिर्भर बनाने में हिन्दुस्तान जिंक की महत्वपूर्ण भूमिका

विगत दो वर्षो में हिन्दुस्तान जिंक कौशल विकास एवं उद्यमिता संस्थान में 1240 प्रशिक्षुओं में से 1004 आत्मनिर्भर

 
ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास से जोड कर आत्मनिर्भर बनाने में हिन्दुस्तान जिंक की महत्वपूर्ण भूमिका
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इस प्रशिक्षण की खास बात यह है कि यह आसपास के क्षेत्रों में रोजगार प्रदान करने पर जोर देता है।

हिन्दुस्तान जिंक द्वारा हमेशा से अपने परिचालन इकाईयों के आस पास के क्षेत्र के समुदाय का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण प्राथमिकता में रहा है। जिसके लिए विभिन्न परियोजनाओं का संचालन शिक्षा, स्वास्थ्य और आवश्यकता आधारित कार्यक्रमों के अनुकूल किया जा रहा है। एक जिम्मेदार उद्योग के रूप में सीएसआर के तहत् हिन्दुस्तान जिंक द्वारा विशेष रूप से स्थानीय ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोडने के लिए उद्यमिता कौशल विकास संस्थान से जोडकर उनके भविष्य को सुदृढ़ करने हेतु प्रयास किये जा रहे है।  युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के कंपनी के गंभीर प्रयास करीब 1200 से अधिक युवाओं को कौशल विकास से जोडने और उनमें से 1000 से अधिक के रोजगार एवं उद्यमी के रूप में कार्यरत होने से सफलता की ओर अग्रसर होते नजर आते है।

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रो में बेरोज़गारी का मुख्य कारण युवाओं में कौशल की कमी है। इस कमजोरी को दूर करने के उद्धेश्य से हिन्दुस्तान जिंक द्वारा अंबुजा सीमेंट फाउण्डेशन जो कि विगत 14 वर्षो से ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास हेतु कार्यरत है, के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए शुरूआत की गयी। शुरुआत में फाउंडेशन ने स्थानीय युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार के अवसरों की पहचान के लिए मूल्यांकन किया। इस आंकलन के आधार पर, दरीबा और अगुचा में हिन्दुस्तान जिंक कौशल और उद्यमिता विकास संस्थान शुरू किया गया। इस संस्थान का प्राथमिक उद्देश्य उन स्थानीय बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करना है जो कम साक्षर हैं और जिन्हें शिक्षा को आगे बढ़ाने का अवसर नही मिल सका। इस प्रशिक्षण की खास बात यह है कि यह आसपास के क्षेत्रों में रोजगार प्रदान करने पर जोर देता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्थानीय युवाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए, स्थानीय समुदायों में संस्थान के क्षेत्र के लोगों द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संस्थान विभिन्न ट्रेडों जैसे इलेक्ट्रिकल असिस्टेंट, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, अर्नआम्ड सिक्योरिटी गार्ड, माइक्रोफाइनेंस एक्जीक्यूटिव, रिटेल सेल्स एसोसिएट, डाटा एंट्री ऑपरेटर और कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव के लिए 2 से 4 माह का प्रशिक्षण प्रदान करता है। केंद्र में नामांकित अधिकांश प्रशिक्षु नियमित शिक्षा का हिस्सा नहीं हैं। वे ज्यादातर ड्रॉपआउट हैं,इसलिए, संस्थान उन्हें सॉफ्ट स्किल, जीवन कौशल और आईटी कौशल के साथ-साथ उन्हें रोजगार योग्य बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल प्रदान करता है।

यदि प्रशिक्षण की बात की जाए तो 400 घंटे के सहायक इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में मुख्य इलेक्ट्रीशियन की सहायता के लिए प्रशिक्षण कर्मियों को शामिल किया गया है। इसमें इलेक्ट्रिकल बेसिक्स, इलेक्ट्रिकल टूल्स हैंडलिंग, सिंगल और ट्रिपल फेज वायरिंग और ट्रबल शूटिंग का अध्ययन शामिल है। इसी प्रकार जनरल ड्यूटी असिस्टेंट में रोगी की देखभाल का व्यावहारिक प्रशिक्षण, नर्स की सहायता , स्वच्छ अस्पताल के वातावरण को बनाए रखना आदि शामिल है। अर्नआम्ड सुरक्षा गार्ड की निजी गार्ड ट्रेनिंग, आपातकालीन बचाव, सीसीटीवी निगरानी, प्राथमिक चिकित्सा और अग्नि आपात से जुड़े 270 घंटे कठोर प्रशिक्षण दिया जाता है। माइक्रोफाइनेंस कार्यकारी प्रशिक्षण बैंकिंग, वित्त, बीमा और अन्य वित्तीय संस्थानों जैसे स्वयं सहायता समूह में कार्य की जानकारी देता है। डेटा एंट्री ऑपरेटर प्रशिक्षण विस्तृत बुनियादी और अग्रिम कंप्यूटर ज्ञान, एमआईएस हैंडलिंग, प्रलेखन आदि प्रदान करता है। कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव ट्रेड में टेली मार्केटिंग,टेली कम्युनिकेशन में प्रशिक्षण कार्मिक, बातचीत कौशल, ग्राहक संबंध प्रबंधन आदि शामिल हैं। रिटेल सेल्स एसोसिएट ट्रेड में मार्केटिंग सेल्स, कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट आदि में प्रशिक्षण कर्मियों को शामिल किया जाता है।

इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षुओं को अंग्रेजी, कंप्यूटर और जीवन कौशल में भी प्रशिक्षित किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को कंपनी के एक्सपोजर विजिट, जॉब ट्रेनिंग, गेस्ट लेक्चर, प्रोजेक्ट्स आदि से संपूर्ण कार्यप्रणाली से अवगत किया जाता है। प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद, उन्हें रोजगार से जोड़ने में हर संभव सहायता दी जाती है, साथ ही इस प्लेसमेंट के उपरांत भी 1 वर्ष में 3 महीने की सहायता भी प्रदान की जाती है।

हाल ही में कायड में अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन एवं चंदेरिया में टाटा स्ट्राइव की सहायता से कौशल विकास केंद्र प्रारंभ किया गया है। इन केंद्रों पर 180 प्रशिक्षु अभी भी विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। अधिकांश प्रशिक्षुओं द्वारा संबंधित प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अस्पताल, बैंक और होटलों में रोजगार के अवसर पाए हैं। कौशल विकास केंद्रों में प्रशिक्षुओं के लिए प्रमुख प्लेसमेंट कंपनियां बिग बाजार, फिनकेयर, आरबीएल बैंक, टीआरएनडीएस, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, जेएमबी समूह, पारस जेके हाॅस्पीटल आदि हैं।

बैंक अधिकारी के रूप में एयू लघु वित्त बैंक में काम करने वाले माइक्रोफाइनेंस प्रशिक्षु शंभुलाल अहीर ने अपनी उपलब्धि के लिए हिंदुस्तान जिंक और अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस कार्य के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें इस हेतु समर्थ किया।

लक्ष्मण भील अपने दोस्तों के साथ हिन्दुस्तान जिंक कौशल एवं उद्यमिता केंद्र के अर्नआम्ड सुरक्षा गार्ड प्रशिक्षण में शामिल हुए। वह और उनका दोस्त अब एक रिसोर्ट में कार्यरत हैं। वे इसका श्रेय हिन्दुस्तान जिंक को देते है। सुश्री कंचन जो कि अर्नआम्ड सुरक्षा गार्ड प्रशिक्षु भी हैं, अपने करियर के चुनाव में केंद्र द्वारा दिये जा रहे मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहती है कि उनके स्वयं के आत्मनिर्भर होने की कल्पना को हिन्दुस्तान जिंक ने पूरा करने में महत्वपूर्ण सहायता की है।

ये अनुभव इस तथ्य को स्थापित करते हैं कि हिन्दुस्तान जिंक कौशल विकास एवं उद्यमिता केंद्र ने ग्रामीण युवाओं के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। ग्रामीण युवा निश्चित तौर पर इन केंद्रो से जुड कर अपने सपनों की नींव को मजबूत कर लाभान्वित हो सकेगें।

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