पांचवे प्रयास में UPSC में AIR 56 हासिल कर बनी IAS, बैंक की नौकरी के साथ-साथ क्रैक किया UPSC
Udaipur Times, IAS Samiksha Dwivedi : उन्होंने कोचिंग छोड़ी, बैंक में काम किया, लेकिन अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा। मऊगंज के दगदौआ गांव की रहने वाली समीक्षा द्विवेदी ने पांच सालों तक कई असफलताओं का सामना किया लेकिन उन्होंने कभी रुकना नहीं सीखा। नतीजा यह रहा कि 2025 की UPSC परीक्षा में उन्हें ऑल इंडिया रैंक (AIR) 56 मिली। यह सिर्फ एक रैंक नहीं है; यह धैर्य और पक्के इरादे की जीत है। आइए, उनके इस सफर पर करीब से नज़र डालते हैं।
बचपन से ही सिविल सेवा में जाने का सपना
समीक्षा मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के दगदौआ गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता, श्रीनिवास द्विवेदी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में अधिकारी हैं, और उनकी मां, सुनीता, हमेशा उनके लिए एक मजबूत सहारा रही हैं। बचपन से ही उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था।

IIT कानपुर से MBA करने का फैसला किया
इंदौर में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने चेन्नई की SRM यूनिवर्सिटी से B.Tech की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने लगभग दो साल तक सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में काम किया। हालांकि, उनका मन हमेशा सिविल सेवा में ही लगा था, इसलिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और IIT कानपुर से MBA करने का फैसला किया।
2021 में पहली बार UPSC परीक्षा दी
उन्होंने 2021 में पहली बार UPSC परीक्षा दी, लेकिन प्रारंभिक चरण (प्रीलिम्स) पास नहीं कर सकीं। 2022 में, उन्होंने प्रीलिम्स तो पास कर लिया, लेकिन मुख्य परीक्षा (मेन्स) में सफल नहीं हो पाईं। शुरुआत में कई बड़ी चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, समीक्षा ने अपनी तैयारी जारी रखी।

2023 में वह इंटरव्यू के चरण तक पहुंचीं
2023 में, वह इंटरव्यू के चरण तक पहुंचीं, लेकिन फाइनल सिलेक्शन लिस्ट में जगह बनाने से सिर्फ 18 अंक पीछे रह गईं। इतने करीब पहुंचकर चूक जाना कभी आसान नहीं होता; फिर भी, उन्होंने खुद को संभाला और हार नहीं मानी।
रणनीति में बदलाव किया
लगातार मिली असफलताओं के बाद, समीक्षा ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और नौकरी के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया। इस दौरान, उन्हें केनरा बैंक में प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) के पद पर नौकरी मिल गई। इसी बीच उनकी शादी भी हो गई; उनके पति बैंक ऑफ इंडिया में काम करते हैं।
पांचवें प्रयास में UPSC परीक्षा में AIR 56 हासिल की
2025 में, अपने पांचवें प्रयास में, समीक्षा ने UPSC परीक्षा में AIR 56 हासिल की। यह सफलता पांच सालों की कड़ी मेहनत का नतीजा है, न कि सिर्फ एक साल के प्रयास का। उनकी कहानी सभी युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करती है।