दिन में इनकम टैक्स इंस्पेक्टर, रात में UPSC की तैयारी, ऐसे IPS बनीं जनदीप कौर तिवाना
Udaipur Times, IPS Jandeep Kaur Tiwana : भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की अधिकारी जनदीप कौर तिवाना इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में हैं। उनकी तस्वीरें वायरल होने के साथ-साथ उनकी संघर्ष और सफलता की कहानी भी लोगों को प्रेरित कर रही है। जंदीप ने फुल-टाइम सरकारी नौकरी करते हुए UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 147 हासिल कर IPS बनने का सपना पूरा किया।
कौन हैं IPS जनदीप कौर तिवाना (IPS Jandeep Kaur Tiwana)?
जनदीप कौर तिवाना (IPS Jandeep Kaur Tiwana) पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के चनार्थल खुर्द गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई गांव से पूरी की और इसके बाद थापर यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग में बीटेक किया।

पहली बार मिली असफलता
जनदीप ने शुरुआत में बिना विशेष तैयारी के UPSC परीक्षा दी थी, लेकिन पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी।
पहले बनीं इनकम टैक्स इंस्पेक्टर
साल 2018 में उन्होंने SSC CGL परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 68 हासिल की और इनकम टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त हुईं। हालांकि उनका लक्ष्य सिविल सेवा में जाना था, इसलिए नौकरी के साथ-साथ उन्होंने UPSC की तैयारी भी जारी रखी।
नौकरी के साथ की UPSC की तैयारी
फुल-टाइम नौकरी के कारण जनदीप ऑफलाइन कोचिंग नहीं कर सकीं। उन्होंने पूरे सिलेबस को 5-6 हिस्सों में बांटा और ड्यूटी के बाद रात में यूट्यूब और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की मदद से पढ़ाई की।
उनका वैकल्पिक विषय समाजशास्त्र (Sociology) था। यह उनका UPSC का अंतिम प्रयास था और इसी प्रयास में उन्होंने AIR 147 हासिल कर IPS बनने का सपना पूरा कर लिया।

पढ़ाई के साथ शौक भी निभाए
UPSC की तैयारी के दौरान जनदीप ने गार्डनिंग और उपन्यास पढ़ने जैसी रुचियों को भी समय दिया। उनका मानना है कि इन शौकों ने मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद की।
अब दूसरे अभ्यर्थियों का कर रही हैं मार्गदर्शन
IPS बनने के बाद जनदीप कौर तिवाना विभिन्न कोचिंग संस्थानों में जाकर अभ्यर्थियों को तैयारी की रणनीति बताती हैं। खासतौर पर वे उन उम्मीदवारों को प्रेरित करती हैं जो फुल-टाइम नौकरी के साथ UPSC की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि सीमित समय में भी सही योजना, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से सफलता हासिल की जा सकती है।
