प्रसारण के क्षेत्र में आकाशवाणी के बढते कदम
आकाशवाणी दुनिया के सबसे बडे श्रव्य मीडिया नेटवर्क के रूप में विख्यात है। इस मीडिया ने भारत में जहां सबसे पहले इलेक्ट्रो-मीडिया का रूप लिया वहीं आज नवाचारों में भी यह आधुनिकतम तकनीक के साथ सबसे आगे और सर्व सुलभ के रुप म
आकाशवाणी दुनिया के सबसे बडे श्रव्य मीडिया नेटवर्क के रूप में विख्यात है। इस मीडिया ने भारत में जहां सबसे पहले इलेक्ट्रो-मीडिया का रूप लिया वहीं आज नवाचारों में भी यह आधुनिकतम तकनीक के साथ सबसे आगे और सर्व सुलभ के रुप में विद्यमान है – ये विचार आकाशवाणी उदयपुर में आयोजित वाणी प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम के उद्घाटन समारोह में आकाशवाणी के उप महानिदेशक माणिक आर्य ने व्यक्त किये।
उद्घाटन के दौरान दीप प्रज्वलित करने के उपरान्त अपने आधार उद्बोधन में आर्य ने आकाशवाणी की आचार संहिता राष्ट्रीय गठन और उसके कार्यकलापों के बारे में बताया।
पाठ्यक्रम के विषयों के बारे में कार्यक्रम अधिकारी एस.ए.वासे ने जानकारी दी। सहायक निदेशक तकनीकी आई.ए.काजी ने आकाशवाणी के संबंध में प्रारंभिक तकनीक पर जानकारी दी।
कार्यक्रम एसोसिएट डॉ. जयप्रकाश पंड्या ने उद्घाटन समारोह का संयोजन करते हुए अनेक कार्यक्रमों के संबंध में जानकारी दी। वरिष्ठ प्रसारण अधिकारी विनोद शर्मा ने स्टूडियो तथा ड्यूटी रूम की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
19 जुलाई तक चलने वाले इस पाठ्यक्रम में 16 प्रतिभागी युवावाणी कार्यक्रम प्रस्तुत करने के संबंध में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
