जापान से 20 गुना अधिक है भारत में ह्दयघात के रोगी

ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित खण्डेलवाल ने कहा कि भारत में अमेरीका से साढ़े तीन गुना, चीन से 6 गुना और जापान से 20 गुना अधिक ह्दयघात के रोगी है जो बहुत चिन्ताजनक बात है। भारत में ह्दयघात का मुख्य का

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जापान से 20 गुना अधिक है भारत में ह्दयघात के रोगी

ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित खण्डेलवाल ने कहा कि भारत में अमेरीका से साढ़े तीन गुना, चीन से 6 गुना और जापान से 20 गुना अधिक ह्दयघात के रोगी है जो बहुत चिन्ताजनक बात है। भारत में ह्दयघात का मुख्य कारण अनुवांशिकी और पर्यावरण है।

वे आज इनरव्हील क्लब उदयपुर द्वारा रोटरी बजाज भवन में ह्दयरोग पर आयोजित वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। उन्होेंने कहा कि हाथ, पाँव, नसों एवं शरीर के किसी भी अंग में वसा का जमना हानिकारक है। उन्होंने बताया कि सिर की हड्डी से लेकर नाभि तक कहीं भी दर्द होने से हार्ट अटैक हो सकता है,यह जरूरी नहीं कि ह्दय में दर्द होने पर ही हार्ट अटैक होता हो। डॉ. खण्डेलवाल ने बताया कि अनुवांशिकी हमारें में नियंत्रण में नहीं है लेकिन मधुमेह, कोलेस्ट्रोल, ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करके इस रोग को दूर कर सकते है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. भण्डारी ने कहा कि ब्लड प्रेशर को कम करने के लिये नमकीन, पापड, अचार एवं फाफड़ा को कम से कम खाना चाहिये। योगा विशेषज्ञ गुनीत मोंगा ने कहा कि नियमित रूप से प्रतिदिन 20 मिनिट योग करने से आर्थराईटिस को ठीक करने, ब्लडप्रेशर, मधुमेह को नियंत्रित करने, सर्वाइकल के दर्द को दूर करते हुए तथा नेत्र ज्योति बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

प्रारम्भ में इनरव्हील क्लब अध्यक्ष शीला तलेसरा ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि क्लब इस वर्ष सभी को लाभािन्वत करने वाले कार्यक्रम हाथ में लेगा। इस अवसर पर सभी महिलाओं ने अपना ब्लडप्रेशर एवं मधुमेह की जांच करवायी। अंत में सचिव देविका सिंघवी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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