भारत को जुडो में पहली बार गोल्ड, वह भी डबल ! अस्मिता और हर्ष ने रचा स्वर्णिम इतिहास

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भारत को जुडो में पहली बार गोल्ड, वह भी डबल ! अस्मिता और हर्ष ने रचा स्वर्णिम इतिहास

Udaipur Times, Commonwealth Games 2026 : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार को भारत का प्रदर्शन स्वर्णिम रहा। अस्मिता डे इन खेलों की जुडो स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं। इसके कुछ ही देर बाद हर्ष सिंह ने देश को दिन का दूसरा गोल्ड मेडल दिलाया और वह जुडो में यह कामयाबी हासिल करने वाले देश के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गये। वहीं, 57 किलो वर्ग में यामिनी मौर्य ने रजत अपने नाम किया।

अस्मिता ने 48 किलो वर्ग में कनाडा की हेडी क्वाच को 'गोल्डन स्कोर' मुकाबले में हराकर खिताब जीता। हर्ष ने 60 किलो वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी जोशुआ कैट्ज को हराकर स्वर्ण जीता। ऑकलैंड में 1990 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार जुडो को शामिल किया गया था। इसके बाद से भारतीय जुडो खिलाड़ियों ने हर बार पदक जीता है, लेकिन पीला तमगा हासिल नहीं कर सके थे।

दर्द की 'सीमा' पार कर शानदार वापसी

भारत की सीमा कालीरामन को गर्भावस्था के बाद गठिया हो गया था, लेकिन उन्होंने इस पर काबू पाया और शानदार वापसी करते हुए यहां राष्ट्रमंडल खेलों में चक्का फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। हरियाणा के भिवानी की रहने वाली सीमा ने 58.65 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। हालांकि, वह 59.73 मीटर के अपने निजी और सत्र के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से पीछे रहीं। 

उनकी साथी खिलाड़ी निधि रानी इसी स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पदक जीतने पर सीमा को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि आपकी दृढ़ता, समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रमाण है। आपकी सफलता युवा महिलाओं को खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।

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