भारतीय नौसेना को मिली नई ताकत, INS Malvan हुआ कमीशन, दुश्मन पनडुब्बियों पर रखेगा नजर
Udaipur Times, INS Malvan: भारतीय नौसेना द्वारा 22 जुलाई 2026 को कारवार में INS Malvan को नौसेना में शामिल (कमीशन) किया गया। यह माहे-श्रेणी का पनडुब्बी-रोधी पोत (MAHE-Class Anti-Submarine Warfare पूर्ण रूप से भारत में डिजाइन किया गया है।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, वायु सेना प्रमुख, ने की, और इसमें वाइस एडमिरल संजय वत्सायन, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वेस्टर्न नेवल कमांड भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में अन्य वरिष्ठ नौसेना अधिकारी, कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल), कोच्चि के प्रतिनिधि, पूर्व सैनिक और विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित थे।
INS Malvan का नामकरण महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवन के नाम पर रखा गया है, जो छत्रपति शिवाजी महाराज की समुद्री विरासत से जुड़ा है।
यह पोत 2003 तक सेवा में रही एक तटीय भारतीय नौसेना की माइनस्वीपर थी।
INS Malvan को 80 प्रतिशत से अधिक देशी सामग्री के साथ कोची स्थित सीएसएल द्वारा देश में ही बनाया गया है। यह जहाज पानी के अन्दर निगरानी, पनडुब्बी-रोधी युद्ध (एएसडब्ल्यू) परिचालन और निम्न तीव्रता समुद्री परिचालन (एल आई एम ओ) के लिए सक्षम है, साथ ही इसमें खान युद्ध क्षमता भी है। यह जहाज तटीय रक्षा, समुद्र तट सुरक्षा को और मजबूत करेगा तथा समुद्री क्षेत्र जागरूकता को बढ़ाएगा।
INS Malvan के शिखर पर 'बाघ नखा' (बाघ का पंजा) है, जो बहादुरी, युद्ध रणनीति, चपलता और साहस का प्रतीक है।
इस मौके पर अपने संबोधन में, वायुसेना प्रमुख ने समुद्री संचार लाइनों की सुरक्षा की अहमियत पर जोर दिया ताकि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच समुद्री व्यापार में कोई रुकावट न आए। उन्होंने त्रि-सेवा एकीकरण के विज़न को भी दोहराया और भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के बीच सहज साझेदारी का आह्वान किया, ताकि भविष्य के संघर्षों में देश एक एकीकृत शक्ति के रूप में सफल हो सके।
