खेलगांव में 15 माह में बनेगा इंडोर हॉल, हॉकी के एस्ट्रोटर्फ मैदान क
खेलमंत्री श्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि जनजाति क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राज्य सरकार इन प्रतिभाओं को आगे लाने और प्रदेश में विश्व स्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सतत कार्य कर रही है।
खेलमंत्री श्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि जनजाति क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राज्य सरकार इन प्रतिभाओं को आगे लाने और प्रदेश में विश्व स्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सतत कार्य कर रही है। वे राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद की ओर से महाराणा प्रताप खेलगांव में इंडोर स्टेडियम के निर्माण कार्य की शुरुआत के मौके पर गुरुवार को आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
कार्यक्रम में गृहमंत्री श्री गुलाब चंद कटारिया, नगरीय विकास विभाग मंत्री श्री श्रीचंद कृपलानी, उदयपुर ग्रामीण विधायक श्री फूलसिंह मीणा, नगर विकास प्रन्यास अध्य्क्ष रवींद्र श्रीमाली, महापौर चंद्रसिंह कोठारी, जिला कलक्टर बिष्णुचरण मल्लिक, यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता सहित अन्य जन प्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में खींवसर ने कहा कि कम्प्यूटर गेम एवं सोशल मीडिया के इस दौर में बच्चे खेल से दूर होते जा रहे हैं। इनके शारीरिक एवं मानसिक विकास हेतु स्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाकर खेलों की ओर आकर्षित करने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि खेल राष्ट्रीय एकता के कार्य में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
खेल सुविधाओ के चार में से एक मॉडल को चुनें
श्री खींवसर ने कहा कि खेल सुविधाओं के विकास के लिए चार मॉडल हैं। पहला यह कि सरकार खेल सुविधाएं विकसित करें। दूसरे मॉडल के अनुसार सरकार सुविधाएं विकसित कर उनका संचालन निजी हाथों में दे दें। तीसरे मॉडल के अनुसार सरकार जमीन उपलब्ध करवाएं और निजी एजेंसी उस पर खेल सुविधाओ का विकास करें और संचालन हेतु सरकार को सौंप दें। चौथे मॉडल के अनुसार सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई जमीन पर निजी एजेंसी खेल सुविधाएं विकसित कर पे एंड यूज आधार पर संचालित करें। उन्होने कहा कि महाराणा प्रताप खेल गांव में सुविधाओं के विकास एवं संचालन हेतु प्रस्ताव लाएं जाए तो वे तुरंत स्वीकृति प्रदान करेंगे।
समारोह को संबोधित करते हुए गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि खेल मैदान के विकास हेतु नगर विकास प्रन्यास एवं नगर निगम ने अद्वितीय सहयोग दिया है। यहां बनने वाला इंडोर स्टेडियम देशभर के स्टेडियम में अपना नाम करेगा। यहां उपलब्ध विश्व स्तरीय सुविधाएं खेल प्रतिभाओं का आगे लाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
नगरीय विकास विभाग मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप खेल गांव में क्रिकेट स्टेडियम विकसित करने में उनका विभाग पूर्ण सहयोग करेगा। वे चाहते हैं कि इस मैदान पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच आयोजित किए जाएं।
ऐसा होगा इनडोर स्टेडियम
खेल गांव में साढ़े 23 करोड़ में बनने वाला इनडोर स्टेडियम तीन सौ गुणा दो सौ फीट आकार का पूर्ण वातानुकूलित होगा। इसके लिये 14 करोड़ राज्य सरकार ने दिए हैं तथा शेष राशि विशेष स्कीम के तहत केंद्र सरकार की ओर से प्राप्त हुई है। इसमें सभी प्रकार प्रकार के इंडोर गेम्स आयोजित करने की सुविधाएं होंगी। पांच हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता वाले इस स्टेडियम का कार्य पंद्रह माह में पूर्ण होगा। इसके साथ ही साढ़े पांच करोड़ की लागत से एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान भी बनाया जाएगा।