हरियाणा की आईएमटी में प्लॉट लेकर नहीं लगाई इंडस्ट्री, 5 हजार प्लॉट को सरेंडर कराने का खतरा

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हरियाणा की आईएमटी में प्लॉट लेकर नहीं लगाई इंडस्ट्री, 5 हजार प्लॉट को सरेंडर कराने का खतरा

Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा में रोहतक के अलावा मानेसर, खरखौदा, बावल, फरीदाबाद और खरखौदा आईएमटी में उद्यमियों ने एचएसआईडीसी से प्लॉट अलॉटमेंट लेटर तो लिया, लेकिन निर्धारित अधिकतम 5 साल की अवधि तक इंडस्ट्री विकसित नहीं कर पाए हैं। इस पर नियमानुसार इस पर प्लॉट सरेंडर करने का दबाव बढ़ गया है। क्योंकि एचएसआईडीसी वाजिब कारण और पेनल्टी चुकाने पर ही अवधि को आगे बढ़ाने का फैसला ले सकती है। इस दायरे में सभी आईएमटी के 5 हजार प्लॉट शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या फरीदाबाद और मानेसर में है।

कई जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को संगठित ढंग से बढ़ाने के बाद अब अम्बाला और नारायणगढ़ में आईएमटी स्थापित की जा रही है। संबंधित परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा होने की बात कही गई है। प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद उद्यमियों को प्लॉट आवंटन की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

इंडस्ट्री विकसित करने के यह हैं नियम

3 से 5 साल तक की अवधि में इंडस्ट्री डिवेलप करनी होगी। पजेशन मिलने के 3 साल के भीतर प्लॉट पर कंस्ट्रक्शन पूरा कर कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करना अनिवार्य है। विशेष परिस्थितियों में इसे 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है.

15% तक पेनल्टी और ब्याज लगाया जा सकता है। तय सीमा बीतने के बाद सालाना आधार पर भारी एक्सटेंशन फीस और डिफॉल्ट राशि पर 15% तक दंडात्मक ब्याज वसूला जाता है.
प्लॉट सरेंडर करना पड़ सकता है। यदि उद्यमी अब प्लॉट वापस करता है, तो सरेंडर पॉलिसी के तहत प्लॉट की कुल कीमत का 10% हिस्सा काट लिया जाएगा और शेष जमा राशि बिना किसी ब्याज के वापस की जाएगी.

उद्यमी बोले- पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और पावर कॉर्पोरेशन से क्लीयरेंस मिलने में देरी

हमने रोहतक आईएमटी में प्लॉट लिया था, लेकिन पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और पावर कॉर्पोरेशन से क्लीयरेंस मिलने में ही दो साल लग गए। सड़क, सीवर बिजली की तमाम समस्याएं सामने आ रही हैं। इसमें पेनल्टी भी चुकानी है तो इंडस्ट्री कैसे चलाएंगे।

राजस्व सारंग, उद्यमी

सरकार की मेक इन हरियाणा नीति तभी सफल होगी जब छोटे उद्योगों को सांस लेने का मौका मिलेगा। 5 साल में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों के कारण कई लोग काम शुरू नहीं कर पाए। 10% कटौती के साथ सरेंडर करने का दबाव बनाना गलत है। हमें पेनल्टी वेवर दिया जाए।

सुरेश कुमार, उद्यमी

अभी यहां पर स्ट्रीट लाइट तक नहीं लग पाई है तो इंडस्ट्री डिवेलप करने में तो परेशानियां आएंगी ही। इसलिए पूरी सुविधाएं दी जाएं। जिससे अनुकूल वातावरण बने। यहां बिना सुविधाओं के हम इंडस्ट्री शुरू नहीं कर सकते।

जोगिंद्र सिंह नांदल, उद्यमी

काफी उद्यमी हैं, जिन्होंने 5 साल तक की निर्धारित अवधि में इंडस्ट्री डिवेलप नहीं की है। इनमें कुछ उद्यमियों को अगले एक साल की छूट दी गई है। नियमों के अनुसार निर्धारित अवधि में इंडस्ट्री नहीं लगाने पर उसका प्लॉट रिज्यूम किया जा सकता है।

मनीष वर्मा, स्टेट मैनेजर, एचएसआईडीसी

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