रिटायरमेंट के बाद भी नहीं रुकीं IPS सीमा अग्रवाल, अब सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहीं अंग्रेजी-मैथ्स
Udaipur Times, IPS Seema Aggarwal : तमिलनाडु फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज की पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) सीमा अग्रवाल ने रिटायरमेंट के बाद भी समाज सेवा का रास्ता नहीं छोड़ा है। जून 2026 में सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद अब वह चेन्नई के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को अंग्रेजी और गणित पढ़ा रही हैं। इसके लिए उन्हें निगम प्रशासन से विशेष अनुमति भी मिली है।
कौन हैं IPS सीमा अग्रवाल (IPS Seema Aggarwal)?
राजस्थान के जयपुर की रहने वाली सीमा अग्रवाल 1990 बैच की IPS अधिकारी हैं। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक किया। UPSC परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिमाचल प्रदेश कैडर से की थी।
1993 में तमिलनाडु के वरिष्ठ IPS अधिकारी ए.के. विश्वनाथन से विवाह के बाद उन्होंने तमिलनाडु पुलिस में सेवाएं देना शुरू किया। उनके पति ए.के. विश्वनाथन भी 1990 बैच के IPS अधिकारी और चेन्नई के पूर्व पुलिस आयुक्त रह चुके हैं। वे 2024 में सेवानिवृत्त हुए थे।

कई अहम पदों पर निभाई जिम्मेदारी
सीमा अग्रवाल ने तमिलनाडु के कई जिलों में पुलिस अधिकारी के रूप में सेवाएं दीं। इसके अलावा उन्होंने सिविल सप्लाई सीआईडी, यूनिफॉर्म्ड सर्विसेज रिक्रूटमेंट बोर्ड, पुलिस मुख्यालय में अतिरिक्त DGP, CBI, भ्रष्टाचार निरोधक शाखा और स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी काम किया।
तमिलनाडु फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज विभाग की DGP के रूप में सेवाएं देने के बाद वह जून 2026 में सेवानिवृत्त हुईं। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पदक सहित कई सम्मान मिल चुके हैं।

नौकरी के दौरान भी पढ़ाती थीं बच्चों को
पुलिस सेवा के दौरान भी सीमा अग्रवाल सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं। कुछ वर्ष पहले उन्होंने चेन्नई के थाउजेंड लाइट्स इलाके के एक निगम स्कूल में कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों को अंग्रेजी और गणित पढ़ाना शुरू किया था।
रिटायरमेंट के बाद भी जारी है मिशन
रिटायरमेंट के बाद भी उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान जारी रखा है। अब वह चेन्नई के तेयनामपेट स्थित एल्डम्स रोड कॉर्पोरेशन हाई स्कूल में कक्षा 6 और 7 के छात्रों को अंग्रेजी और गणित पढ़ा रही हैं। उनकी इच्छा को देखते हुए निगम प्रशासन ने उन्हें विशेष अनुमति प्रदान की।
'मैं मां की तरह बच्चों की मदद कर रही हूं'
सीमा अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने करीब तीन सप्ताह पहले पढ़ाना शुरू किया। वह रोज सुबह 40-40 मिनट की दो कक्षाएं लेती हैं। उनका कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद वह जरूरतमंद बच्चों की मदद करना चाहती थीं। उन्होंने कहा, "मैं बच्चों को अंग्रेजी और गणित ऐसे तरीके से पढ़ाती हूं कि वे आसानी से समझ सकें। मैं यह काम एक मां की तरह कर रही हूं और अपनी क्षमता के अनुसार उनकी हर संभव मदद करना चाहती हूं।"
