कहीं आपका घर भी तो लाल डोरे में नहीं ! मालिकाना हक से लेकर जमीन के रिकॉर्ड ऐसे करें जांच, जाने ऐसी प्रॉपर्टी खरीदें या नहीं?
Udaipur Times, New Delhi : दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदना हर किसी के लिए बड़ा फैसला होता है। ऐसे में अगर आप राजधानी में घर, प्लॉट या मकान खरीदने की योजना बना रहे हैं तो ‘लाल डोरा’ प्रॉपर्टी का नाम आपने जरूर सुना होगा। दिल्ली के पुराने गांवों और उनके आसपास लाल डोरा इलाके में बड़ी संख्या में मकान और जमीनें मौजूद हैं।
कई बार इन प्रॉपर्टीज की कीमत आसपास की विकसित कॉलोनियों के मुकाबले आकर्षक लगती है। लोकेशन भी अच्छी मिल सकती है, लेकिन लाल डोरा प्रॉपर्टी खरीदने से पहले कागजात, मालिकाना हक और जमीन की कानूनी स्थिति की अच्छी तरह जांच करना बेहद जरूरी है।
सिर्फ यह देखकर कि कोई प्रॉपर्टी लाल डोरा क्षेत्र में है, उसे कानूनी या सुरक्षित मान लेना सही नहीं है।
जाने क्या होती है लाल डोरा प्रॉपर्टी?
दिल्ली सरकार के रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अनुसार, लाल डोरा गांव की उस आबादी वाली जमीन को कहा जाता है, जो गांव के रिहायशी इलाके के रूप में दर्ज रही है। माना जाता है कि वर्ष 1908 में अंग्रेजी शासन के दौरान गांव की आबादी वाले हिस्से को खेती की जमीन से अलग दिखाने के लिए लाल रेखा से चिह्नित किया गया था।
इसी वजह से ऐसे क्षेत्रों को लाल डोरा कहा जाने लगा। दिल्ली में कुछ जगहों पर एक्सटेंडेड लाल डोरा या गांव की आबादी की जमीन भी देखने को मिलती है।
लाल डोरा से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल कुछ मामलों में प्रॉपर्टी से संबंधित पहचान और बिजली-पानी जैसी सुविधाओं के लिए भी किया जाता है।
क्या लाल डोरा प्रॉपर्टी अवैध होती है?
यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। किसी प्रॉपर्टी का लाल डोरा क्षेत्र में होना अपने आप में उसे अवैध नहीं बनाता। लाल डोरा मुख्य रूप से जमीन की स्थिति और गांव की आबादी वाले क्षेत्र से संबंधित शब्द है।
हालांकि, किसी खास मकान या जमीन का मालिकाना हक, निर्माण की वैधता और अन्य कानूनी स्थिति अलग-अलग जांचनी पड़ती है।
यानी लाल डोरा प्रॉपर्टी खरीदते समय सिर्फ इलाके का नाम देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। प्रॉपर्टी के दस्तावेज और वास्तविक स्थिति की अलग से जांच जरूरी है।
लाल डोरा में प्रॉपर्टी खरीदने के क्या फायदे हो सकते हैं?
लाल डोरा क्षेत्रों में प्रॉपर्टी खरीदने की अपनी कुछ वजहें हो सकती हैं। कई इलाकों में ये प्रॉपर्टीज शहर के पुराने और स्थापित हिस्सों में स्थित होती हैं।
कुछ संभावित फायदे
1 आसपास पहले से सड़क और दूसरी सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं।
2 कुछ इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमत आसपास की कॉलोनियों से कम हो सकती है।
3 बड़े स्वतंत्र मकान या जमीन के विकल्प मिल सकते हैं।
4 कई लाल डोरा इलाके शहर के प्रमुख हिस्सों के नजदीक स्थित हैं।
लेकिन इन फायदों के बावजूद कानूनी जांच के बिना सिर्फ कम कीमत देखकर खरीदारी करना जोखिम भरा हो सकता है।
सबसे बड़ा जोखिम: मालिकाना हक और दस्तावेज
लाल डोरा प्रॉपर्टी खरीदते समय सबसे पहले यह पता करना जरूरी है कि जिस व्यक्ति से आप प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, उसके पास उसे बेचने का कानूनी अधिकार है या नहीं।
इसके लिए उपलब्ध दस्तावेजों की जांच करें और यह भी देखें कि अलग-अलग रिकॉर्ड में मालिक का नाम और प्रॉपर्टी की जानकारी एक-दूसरे से मेल खाती है या नहीं।
अगर प्रॉपर्टी कई बार बिक चुकी है तो पुराने दस्तावेजों और बिक्री की पूरी श्रृंखला की जांच करना भी जरूरी हो सकता है।
जमीन के रिकॉर्ड जरूर चेक करें
खरीदारी से पहले संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, खसरा नंबर और उपलब्ध भूमि रिकॉर्ड की जांच करें। प्रॉपर्टी की वास्तविक स्थिति और दस्तावेजों में दर्ज जानकारी के बीच किसी तरह का अंतर हो तो सावधान हो जाएं। किसी विशेषज्ञ से यह भी जांच करवाना बेहतर है कि जमीन पर किसी तरह का विवाद, दावा या अन्य कानूनी समस्या तो नहीं है।
मकान बना है तो कंस्ट्रक्शन की भी जांच करें
लाल डोरा इलाके में जमीन के साथ बना हुआ मकान खरीद रहे हैं तो सिर्फ जमीन के कागजात देखना पर्याप्त नहीं है।
मकान के निर्माण की वैधता, उपलब्ध अप्रूवल और संबंधित स्थानीय नियमों की जांच भी जरूरी है। संभव है कि जमीन का मालिकाना हक स्पष्ट हो, लेकिन उस पर किया गया निर्माण अलग नियमों के दायरे में आता हो।
इसलिए खरीदारी से पहले किसी आर्किटेक्ट या संबंधित विशेषज्ञ से निर्माण की स्थिति की जांच कराना समझदारी होगी।
होम लोन मिलने में हो सकती है परेशानी
लाल डोरा प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों के लिए होम लोन भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। ऐसी प्रॉपर्टीज पर हर बैंक समान तरीके से लोन नहीं देता और दस्तावेजों की स्थिति के आधार पर बैंक का निर्णय अलग हो सकता है।
इसलिए अगर आप लोन लेकर प्रॉपर्टी खरीदने वाले हैं तो टोकन या बड़ी रकम देने से पहले बैंक से प्रॉपर्टी की लोन पात्रता की पुष्टि कर लें।
खरीदने से पहले ये 7 चीजें जरूर जांचें
लाल डोरा प्रॉपर्टी खरीदने से पहले मालिकाना हक, खसरा-राजस्व रिकॉर्ड और पुराने दस्तावेज जरूर जांचें। मकान बना है तो कंस्ट्रक्शन की वैधता और जमीन पर किसी विवाद या कोर्ट केस की जानकारी लें। होम लोन लेना है तो पहले बैंक से इसकी पात्रता जांचें और सौदा करने से पहले प्रॉपर्टी वकील से सभी कागजात की जांच जरूर करवाएं।
क्या लाल डोरा प्रॉपर्टी खरीदनी चाहिए?
इसका सीधा जवाब हां या ना में नहीं दिया जा सकता। अगर प्रॉपर्टी के दस्तावेज स्पष्ट हैं, मालिकाना हक की पुष्टि हो जाती है, जमीन और निर्माण की स्थिति संतोषजनक है और कानूनी जांच में कोई बड़ी समस्या नहीं मिलती, तो खरीदार अपने बजट और जरूरत के हिसाब से फैसला कर सकता है।
लेकिन अगर विक्रेता दस्तावेज देने में आनाकानी कर रहा है, मालिकाना हक स्पष्ट नहीं है या निर्माण और जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी दिखाई देती है, तो सिर्फ कम कीमत के लालच में ऐसी प्रॉपर्टी खरीदने से बचना बेहतर है।
इसलिए लाल डोरा होना अपने आप में प्रॉपर्टी को अवैध नहीं बनाता, लेकिन ऐसी प्रॉपर्टी खरीदते समय सामान्य प्रॉपर्टी की तुलना में दस्तावेजों और कानूनी स्थिति की जांच पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। बड़ी रकम का भुगतान करने से पहले दिल्ली सरकार के संबंधित रिकॉर्ड और किसी अनुभवी प्रॉपर्टी वकील से दस्तावेजों की जांच जरूर कराएं।