क्या नई Inverter AC के लिए स्टेबलाइजर की नहीं पड़ती जरूरत ? जाने एक्स्पर्ट्स की राय
Udaipur Times, AC Tips : गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर (AC) लोगों की पहली जरूरत बन जाता है। आजकल बाजार में मिलने वाले अधिकांश Inverter AC को कंपनियां 'Stabilizer-Free Operation' फीचर के साथ बेच रही हैं। दावा किया जाता है कि इन एसी में अलग से स्टेबलाइजर लगाने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स विशेषज्ञों का कहना है कि हर स्थिति में इस दावे पर भरोसा करना सही नहीं है।
कैसे काम करती है Stabilizer-Free तकनीक?
इनवर्टर एसी में Smart Voltage Range (SVR) या Switched-Mode Power Supply (SMPS) जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मदद से एसी एक तय वोल्टेज रेंज, जैसे 145V से 290V या 160V से 260V के बीच बिना किसी अतिरिक्त स्टेबलाइजर के सामान्य रूप से काम कर सकता है।
क्या फिर भी स्टेबलाइजर लगाना चाहिए?
इलेक्ट्रॉनिक्स विशेषज्ञ विनय कुमार के अनुसार, Stabilizer-Free का मतलब यह नहीं है कि एसी हर तरह के वोल्टेज उतार-चढ़ाव को सहन कर सकता है। यदि आपके इलाके में बिजली की सप्लाई अक्सर अस्थिर रहती है, तो इनवर्टर एसी के साथ भी स्टेबलाइजर लगाना सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
कब बढ़ जाती है स्टेबलाइजर की जरूरत?
अगर आपके घर में वोल्टेज कंपनी द्वारा तय की गई सुरक्षित सीमा से नीचे 130V तक गिर जाए या 300V से ऊपर पहुंच जाए, तो एसी का इन-बिल्ट सुरक्षा सिस्टम काम करना बंद कर सकता है। ऐसी स्थिति में एसी बंद हो सकता है या उसके महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
इन इलाकों में जरूर लगाएं स्टेबलाइजर
जहां बार-बार वोल्टेज फ्लक्चुएशन होता हो।
ग्रामीण या दूरदराज के इलाके जहां बिजली की सप्लाई स्थिर न रहती हो।
पुराने बिजली नेटवर्क वाले क्षेत्रों में।
क्या है एक्सपर्ट की सलाह?
यदि आपके क्षेत्र में बिजली की सप्लाई सामान्य और स्थिर रहती है, तो अधिकांश आधुनिक Inverter AC बिना स्टेबलाइजर के भी ठीक से काम कर सकते हैं। लेकिन जहां वोल्टेज में बार-बार बड़ा उतार-चढ़ाव होता है, वहां एसी की सुरक्षा और लंबी उम्र के लिए अलग से स्टेबलाइजर लगाना बेहतर और सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
