प्रेम विज्ञान के बारे में खुलकर चर्चा करना बुरी बात नहीं है – डॉ. सीमा आनंद
डॉ सीमा आनंद ने अपनी बुक के बारे में बताते हुए कहा कि उसने इस किताब को लिखने के लिए 9 साल से रिसर्च की है। लिखने में बहुत मुश्किल हुई क्योंकि जो चीज वह एक्सप्रेशन से ज़ाहिर कर सकती है उन्हें शब्दों में ढालना अत्यंत कठिन है, जो बात वह बोलकर बता सकती है उनको एक-एक लफ्ज़ और वाक्य में पिरोना आसान नहीं है। डॉ. आनंद ने बताया कि उन्होंने अपनी पुस्तक में लवर्स क्वेरीज, लव बाइट्स, सिक्रेट लेंग्वेज ऑफ लवर्स आदि के बारे में खुलकर बताने की कोशिश की है।

प्रभा खेतान फाउंडेशन, अहसास वूमन ऑफ उदयपुर और होटल रेडिसन ब्लू के संयुक्त तत्वावधान में होटल रेडिसन ब्लू में सोमवार को “द राइट सर्कल’ कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में लंदन स्थित मेथोलॉजिस्ट, स्टोरी टेलर और कहानीकार डॉ. सीमा आनंद अपनी पुस्तक “द आर्ट्स ऑफ सिडक्शन’ को लेकर लोगों से रूबरू हुईं।
डॉ सीमा आनंद ने अपनी बुक के बारे में बताते हुए कहा कि उसने इस किताब को लिखने के लिए 9 साल से रिसर्च की है। लिखने में बहुत मुश्किल हुई क्योंकि जो चीज वह एक्सप्रेशन से ज़ाहिर कर सकती है उन्हें शब्दों में ढालना अत्यंत कठिन है, जो बात वह बोलकर बता सकती है उनको एक-एक लफ्ज़ और वाक्य में पिरोना आसान नहीं है। डॉ. आनंद ने बताया कि उन्होंने अपनी पुस्तक में लवर्स क्वेरीज, लव बाइट्स, सिक्रेट लेंग्वेज ऑफ लवर्स आदि के बारे में खुलकर बताने की कोशिश की है।
डॉ सीमा ने कहा की कहा जाता है की भारतीय समाज वैसे तो कामशास्त्र और सेक्स के बारे में खुलकर बात नहीं करता है जबकी मौका मिलते ही वह प्रेम विज्ञानं को अश्लील जोक्स और भद्दी गालियों के ज़रिये ज़ाहिर करने में पीछे नहीं रहता है। उन्होंने बताया कि प्रेम विज्ञान के बारे में खुलकर चर्चा करना बुरी बात नहीं है। बात करने लायक चीज है तो खुलकर गंभीर चर्चा की जानी चाहिए। हमेशा महिलाओं को ही सिखाया जाता है कि उनकी जगह कहां है जबकि हमें उन्हें समझने और सम्मान करने की जरूरत है।
डॉ. आनंद ने कहा कि हमें अपने बच्चों को अपना साहित्य बताना चाहिए। वात्स्यायन की कामसूत्र, नल दमयंती जैसे सौंदर्य और श्रृंगार से भरपूर साहित्य ज़रूर बताना चाहिए। उन्होंने बताया की इरोटिक लिटरेचर दुनिया की सभी साहित्य में शामिल है। परन्तु हमारे साहित्य में प्रेम विज्ञानं को ख़ूबसूरती से सौंदर्य और श्रृंगार के ज़रिये अभिव्यक्ति की गई है। सीक्रेट लैंग्वेज ऑफ़ लव के बारे में बात करने हुए उन्होंने बताया की किस तरह प्राचीन युग में प्रेमी प्रेमिका अपना सन्देश पान और इत्र की सुगंध के ज़रिये एक दुसरे को अपने दिल की बात पहुंचाते थे। कार्यक्रम में मौजद लोगों ने भी उनकी पुस्तक और अपनी जिज्ञासा को लेकर कई प्रश्न पूछे जिनका डॉ सीमा आनंद ने सटीक जवाब देकर मंत्रमुग्ध किया।
इस अवसर पर प्रभा खेतान फाउंडेशन की स्वाति अग्रवाल, मूमल भंडारी, शुभ सिंघवी, श्रद्धा मुर्डिया, कनिका अग्रवाल और रिद्धिमा दोशी समेत अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में अतिथि मेवाड़ के पूर्व राजघराने के लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और उनकी पत्नी निवृति कुमारी मेवाड़ मौजूद थीं।
