सांसारिक रहते हुए भी धर्म का पालन संभव
आत्मरति महाराज ने कहा कि मनुष्य सांसारिक रहते हुए भी धर्म का पालन कर सकता है। वे आज जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ जिनालय द्वारा हिरण मगरी से. 4 स्थित श्री शांतिनाथ रामचन्द्र सूरी आराधना भवन में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहीं।
आत्मरति महाराज ने कहा कि मनुष्य सांसारिक रहते हुए भी धर्म का पालन कर सकता है। वे आज जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ जिनालय द्वारा हिरण मगरी से. 4 स्थित श्री शांतिनाथ रामचन्द्र सूरी आराधना भवन में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहीं।
उन्हेोनं कहा कि यदि मनुष्य अंहकार को छोड़ दे, पाप नहीं करें,सभी जीवों से मैत्री भाव रखें,परहित की चिन्ता करें, हम दूसरों के साथ भी वैसा ही व्यवहार करें जैसा हम दूसरों से अपेक्षा करते है,तो हम सांसारिक रहते हुए भी अपने धर्म का बखूबी पालन कर सकते है।