जीएसटी में सरल होंगे आईटी प्रावधान
वाणिज्यिक कर विभाग व केन्द्रीय उत्पाद एवं सेवा कर विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रस्तावित नवीन कर प्रणाली जीएसटी के सफल क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला बुधवार को यूसीसीआई भवन के सभागार में आयोजित हुई। कार्यशाला में जीएसटी के अतिरिक्त आयुक्त विनोद शर्मा, वाणिज्यिक कर विभाग की उपायुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी व सीबीईसी उपायुक्त मुकेश कटारिया प्रमुख अतिथि रहे।
वाणिज्यिक कर विभाग व केन्द्रीय उत्पाद एवं सेवा कर विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रस्तावित नवीन कर प्रणाली जीएसटी के सफल क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला बुधवार को यूसीसीआई भवन के सभागार में आयोजित हुई। कार्यशाला में जीएसटी के अतिरिक्त आयुक्त विनोद शर्मा, वाणिज्यिक कर विभाग की उपायुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी व सीबीईसी उपायुक्त मुकेश कटारिया प्रमुख अतिथि रहे।
अतिरिक्त आयुक्त श्री शर्मा ने मुख्यालय के स्तर पर जीएसटी की तैयारियों एवं व्यापार संगठनों से अपेक्षाओं पर चर्चा की। इस अवसर पर उपायुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी ने संगठनों के माध्यम से समस्त व्यवसायियों से शीघ्रातिशीघ्र सैकण्डरी माइग्रेशन पूर्ण करने की अपील की।

विशेषज्ञों ने की विभिन्न पहलुओं पर चर्चा
कार्यशाला में सहायक आयुक्त डॉ. नीतू भारद्वाज ने व्यवसायियों द्वारा नवीन कर प्रणाली में माइग्रेशन प्रक्रिया तथा नवीन व्यवसायियों द्वारा पंजीयन किए जाने की कार्यप्रणाली पर जानकारी दी। सहायक आयुक्त संजय ने जीएसटी के व्यवसायियों द्वारा रिटर्न फाइल करने की क्रियाविधि के बारे में विस्तार से चर्चा की। वाणिज्यिक कर अधिकारी रविन्द्र जैन ने कम्पोजिशन के अंतर्गत डीलर्स हेतु जीएसटी के प्रावधानों तथा जीएसटी में कर इत्यादि के पेमेन्ट पर विस्तार से प्रकाश डाला। वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष बक्षी ने जीएसटी पर बिजनेस नवाचारों के विषय में अवगत कराया। इसके साथ ही वर्तमान कर प्रणाली वेट एवं प्रस्तावित नवीन कर प्रणाली जीएसटी के प्रमुख प्रावधानों की तुलनात्मक स्थिति पर प्रकाश डाला। प्रारंभ में यूसीसीआई के अध्यक्ष वी.पी.राठी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान विभिन्न व्यापार संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

जीएसटी पर पूछे गये प्रश्न
कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों द्वारा जीएसटी के संबंध में आवश्यक प्रश्न पूछे गये जिनमें एमआरपी सेल, रिवर्स चार्ज, राज्य सरकार को सप्लाई, पुरानी बकाया मांगों, लम्बित अदालती मामलों, माल के परिवहन आदि से संबंधित प्रश्न शामिल थे। जिनका अतिरिक्त आयुक्त विनोद शर्मा एवं विभागीय अधिकारियों ने प्रत्युत्तर देकर प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं को शांत किया।
